यूपी पीईटी 2026 शांतिपूर्ण संपन्न: 68.79 फीसदी अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, एआई और सीसीटीवी से रखी गई नजर
यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है। 60 जिलों के 1372 केंद्रों पर 68.79 प्रतिशत उपस्थिति रही, तकनीक से रखी गई सख्त निगरानी।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) प्रदेश भर में शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में पूरी हो गई है। पारदर्शी व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच साठ जिलों में बने 1,372 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। इस भर्ती परीक्षा के लिए 35 लाख 41 हजार से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 24 लाख 36 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार कुल उपस्थिति 68.79 प्रतिशत दर्ज की गई।
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए चेहरे की पहचान करने वाली आधुनिक तकनीक, बायोमेट्रिक जांच और बायो-पहचान सत्यापन की सख्त व्यवस्था रही। इसके साथ ही प्रत्येक अभ्यर्थी की तस्वीर और आंखों की पुतलियों (आइरिस) का विवरण भी सुरक्षित किया गया। परीक्षा केंद्रों पर लगे 31 हजार से ज्यादा कैमरों की सीधी निगरानी आयोग कार्यालय में बने केंद्रीय नियंत्रण कक्ष और जनपदों के स्थानीय नियंत्रण कक्षों से लगातार की जाती रही।
व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 2,744 सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ लगभग 94 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की गई। गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीस संवेदनशील जिलों के केंद्रों पर जैमर की व्यवस्था की गई। केंद्रों में प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई, जिससे किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच या अन्य सामग्री अंदर न जा सके।
नियमों के उल्लंघन पर भी कड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मैनपुरी जनपद में राकेश कुमार नामक एक अभ्यर्थी के पास ब्लूटूथ उपकरण मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूरी परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग के मामले में दो लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त आधुनिक तकनीकी मिलान के दौरान 67 अभ्यर्थियों की पहचान संदिग्ध के तौर पर हुई है, जिनकी जांच के बाद नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। अभ्यर्थियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया था, जिससे परीक्षा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
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