यूपी की जेलों में बड़ा बदलाव: ₹17 हजार करोड़ से सुधरा ढांचा, बजट में 215 फीसदी की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर 17 हजार करोड़ से अधिक खर्च। जेल विभाग के बजट में 215 फीसदी की बढ़ोतरी, 6 जिलों में बन रहीं नई जेलें।
उत्तर प्रदेश में जेल प्रशासन को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में व्यापक स्तर पर सुधार किए गए हैं। कारागार व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव, क्षमता विस्तार और तकनीकी संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए शासन ने 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा जेलों के भौतिक ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने पर केंद्रित रहा है।
कारागार एवं सुधार सेवाएं विभाग के महानिदेशक पीसी मीना के अनुसार, राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सुधारात्मक संस्थाओं को भी समय की मांग के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत न केवल जेलों में बंदियों की क्षमता में इजाफा हुआ है, बल्कि नई तकनीक के उपयोग से निगरानी तंत्र और प्रशासनिक प्रबंधन भी पहले से कहीं अधिक प्रभावी बना है। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2017-18 में जेल विभाग का कुल आवंटन 913.07 करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़कर 2,877.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार विभाग के वार्षिक बजट में लगभग 215 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रथम पांच वर्षों के दौरान जहां विभाग के लिए 5,494.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, वहीं बाद के पांच वर्षों में यह राशि बढ़कर 11,913.53 करोड़ रुपये हो गई। यह लगातार जारी वित्तीय सहयोग जेलों के कायाकल्प और व्यवस्थागत सुधारों को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है।
अतिसंवेदनशील और भीड़भाड़ वाली जेलों में क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कई जिलों में नए कारागारों का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। अमेठी में 176.12 करोड़, महोबा में 203.42 करोड़, हाथरस में 184.94 करोड़, कुशीनगर में 228.31 करोड़, जौनपुर में 179.79 करोड़ तथा हापुड़ में 190.08 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नए जिला कारागार बनाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही भविष्य में बनने वाले नए कारागारों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत सम्भल में कारागार निर्माण के लिए 24.56 करोड़, शामली में 96.20 करोड़, बलिया में 24.12 करोड़, सहारनपुर में 50.87 करोड़, अमरोहा में 32.28 करोड़ और चंदौली में 34.27 करोड़ रुपये की राशि भूमि व्यवस्थापन के लिए स्वीकृत की जा चुकी है, जिससे आने वाले समय में कारागार प्रशासन को और अधिक प्रभावी व सुरक्षित बनाया जा सके।
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