एआई निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न हुई स्पेशल टीईटी-2026, 87.92% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, लखनऊ में फर्जी परीक्षार्थी धरा
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्पेशल टीईटी-2026 शांतिपूर्ण संपन्न हुई। एआई आधारित कमांड रूम से निगरानी के दौरान लखनऊ में एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के संकल्प के तहत उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित 'विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा' (स्पेशल टीईटी-2026) प्रदेश के छह मंडल मुख्यालयों पर मंगलवार को शुचितापूर्ण, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई। आयोग द्वारा पहली बार स्थापित किए गए अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की रियल-टाइम लाइव मॉनिटरिंग की गई। इस उच्चस्तरीय तकनीकी निगरानी के परिणामस्वरूप राजधानी लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक फर्जी अभ्यर्थी (सॉल्वर) को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग के विज्ञापन संख्या 03/2026 के अंतर्गत यह परीक्षा प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और आगरा के विभिन्न निर्धारित केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। प्रथम पाली में कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के लिए प्रातः 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली में कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के लिए अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक परीक्षा संचालित हुई। आयोग मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की सतत उपस्थिति में एआई कैमरों और विशेष फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर के जरिए हर अभ्यर्थी की गतिविधि पर नजर रखी गई। इसी क्रम में लखनऊ के स्टेशन रोड स्थित बप्पा श्री नारायण वोकेशनल (बीएसएनवी) इंटर कॉलेज केंद्र पर बायोमैट्रिक और विजुअल मिसमैच के आधार पर दूसरे के स्थान पर बैठे फर्जी परीक्षार्थी की पहचान कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।
आयोग के उप सचिव संजय सिंह द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों पालियों को मिलाकर कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 87.92 प्रतिशत यानी 93,681 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की प्रथम पाली में पंजीकृत 58,353 अभ्यर्थियों में से 50,666 उपस्थित रहे, जहां उपस्थिति 86.80 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की द्वितीय पाली में पंजीकृत 48,194 अभ्यर्थियों में से 43,015 ने परीक्षा दी, जिसमें उपस्थिति का प्रतिशत 89.25 रहा। दोनों वर्गों में महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 89.25 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 89.28 प्रतिशत रही।
परीक्षा के सफल, निर्विघ्न और नकलविहीन आयोजन पर आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सभी छह मंडलों के जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और प्रशासनिक अमले के सक्रिय सहयोग की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। आधुनिक तकनीक के समावेश से प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता स्थापित करने की यह पहल प्रदेश में निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की दिशा में एक नया मानक स्थापित कर रही है।
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