UP News: वीबी-जी राम जी योजना से गांवों में रोजगार और आजीविका को मिल रहा नया आधार, 1.02 करोड़ ग्रामीण श्रमिक सक्रिय
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में वीबी-जी राम जी योजना के सफल क्रियान्वयन से गाँवों
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में वीबी-जी राम जी योजना के सफल क्रियान्वयन से गाँवों की तस्वीर बदल रही है । रोजगार की कानूनी गारंटी से ना सिर्फ गाँव में पलायन रुक रहा है बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति में भी काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रदेश में 1,02,98,296 सक्रिय ग्रामीण श्रमिक ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े हैं। प्रदेश में 86,27,727 सक्रिय जॉब कार्ड हैं। योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। गांव के आसपास रोजगार मिलने से ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर आजीविका का आधार मिल रहा है। खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में ही रोजगार और परिवार की आय में योगदान का अवसर मिलने से उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।
राज्य सरकार द्वारा योजना को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के माध्यम के रूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार देने के साथ गांवों में ऐसी उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियां विकसित की जा रही हैं, जिनका लाभ स्थानीय समुदाय को लंबे समय तक मिल सके।
योजना के तहत ‘विकसित ग्राम पंचायत कार्य योजना’ के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा रहा है। जल संरक्षण, अमृत सरोवर, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, वृक्षारोपण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस व्यवस्था का लाभ दो स्तरों पर मिल रहा है। एक ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर गांवों में ऐसी परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं, जो जल संरक्षण, कृषि और ग्रामीण जीवन की अन्य जरूरतों में उपयोगी हो सकती हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रही है।
वीबी-जी राम जी योजना में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। गांव में ही रोजगार का अवसर मिलने से महिलाएं परिवार की आय में योगदान देने के साथ आर्थिक रूप से अधिक स्वावलंबी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के कार्यों में महिलाओं की भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योजना में मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। श्रमिकों की मजदूरी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बिचौलियों की भूमिका को सीमित करने में मदद मिलती है।
योजना के कार्यों की निगरानी के लिए ग्राम सभा स्तर पर सोशल ऑडिट तथा प्रशासनिक स्तर पर नियमित समीक्षा की व्यवस्था है। इस तरह वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से रोजगार, ग्रामीण परिसंपत्ति निर्माण और स्थानीय आजीविका को एक साथ जोड़ते हुए गांवों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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