UPTET 2026 Exam Result: यूपीटीईटी परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न, 88.77% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, AI से पकड़े गए 44 मुन्नाभाई
UPTET 2026 परीक्षा पारदर्शी तरीके से संपन्न हो गई है। परीक्षा में कुल 88.77% अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि एआई सॉफ्टवेयर की मदद से 44 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए।
- UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में एआई का कड़ा पहरा, 44 फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार, देखें आंकड़े
- लखनऊ: यूपीटीईटी 2026 परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 44 सॉल्वर धरे गए
- UPTET परीक्षा में चला योगी सरकार का डिजिटल हंटर! AI कैमरों ने पकड़े 44 फर्जी छात्र, रिकॉर्ड 88.77% रही उपस्थिति
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की शुचितापूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा नीति के अंतर्गत 'उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा' (UPTET-2026) सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्तर के लिए आयोजित यह लिखित परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को राज्य के सभी 60 जनपदों में बेहद शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार परीक्षा में सुरक्षा और तकनीक का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसके तहत कुल पंजीकृत 19,94,661 अभ्यर्थियों में से 17,70,714 यानी रिकॉर्ड 88.77% परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा के दौरान आयोग के कमांड सेंटर में स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर और कैमरों की मदद से सघन निगरानी की गई, जिसके परिणामस्वरूप दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे 44 फर्जी परीक्षार्थियों (सॉल्वरों) को रंगे हाथों दबोचा गया। आगामी दिनों में उत्तरकुंजी और मूल्यांकन प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की गई राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) के सफल और सुरक्षित संपादन से जुड़ा है। राज्य के 60 जिलों में फैले सैकड़ों केंद्रों पर तीन दिनों तक चली इस परीक्षा में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए थे। प्रशासनिक कड़ाई और एआई आधारित निगरानी प्रणाली के सक्रिय होने से इस बार परीक्षा में किसी भी प्रकार की बड़ी अव्यवस्था या पेपर लीक जैसी अफवाहों पर पूरी तरह से विराम लगा रहा।
उपस्थिति के आंकड़े
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, परीक्षा दो अलग-अलग स्तरों—अपर प्राइमरी (कक्षा 6 से 8) और प्राइमरी (कक्षा 1 से 5) के लिए विभिन्न पालियों में आयोजित की गई थी:
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उच्च प्राइमरी स्तर (अपर प्राइमरी): यह परीक्षा 2 जुलाई को दो पालियों में और 3 जुलाई को प्रथम पाली में आयोजित हुई। इसमें कुल पंजीकृत 12,11,459 अभ्यर्थियों में से 10,57,055 (87.25%) अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। इसमें महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 87 प्रतिशत रही।
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प्राइमरी स्तर: यह परीक्षा 3 जुलाई की दूसरी पाली और 4 जुलाई की पहली पाली में कराई गई। इसमें पंजीकृत 7,83,202 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 7,13,659 (91.12%) परीक्षार्थी शामिल हुए। इस स्तर पर महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 90.85 प्रतिशत दर्ज की गई।
यदि आखिरी दिन यानी शनिवार 4 जुलाई की बात करें, तो प्रथम पाली में प्रदेश के 955 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 3,79,316 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,34,775 (88.00%) अभ्यर्थी शामिल हुए।
एआई कंट्रोल रूम और मुन्नाभाइयों पर नकेल
इस बार की परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता तकनीक का उपयोग रहा। आयोग के मुख्यालय में एक अत्याधुनिक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंट्रोल कमांड रूम' स्थापित किया गया था। इस कमांड रूम में खुद आयोग के अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और परीक्षा नियंत्रक उपस्थित रहकर पल-पल की गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए एआई कैमरों और फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और डेटा मिसमैच की तत्काल पहचान की जा रही थी।
इस हाई-टेक सुरक्षा घेरे के कारण गिरोहों के मंसूबों पर पानी फिर गया। एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से तीन दिनों में कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए, जो असली अभ्यर्थियों के स्थान पर पैसे लेकर परीक्षा दे रहे थे। आंकड़ों के मुताबिक, 2 जुलाई को 14, 3 जुलाई को 11 और 4 जुलाई को 19 सॉल्वर दबोचे गए। इसके अलावा 3 जुलाई को एक छात्र को परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन से नकल करने के प्रयास में पकड़ा गया। आयोग ने इन सभी 45 आरोपियों को तत्काल अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस और एसटीएफ (STF) के सुपुर्द कर दिया है।
परीक्षा के सफल समापन पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सतर्कता विभाग (Vigilance) और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के सक्रिय व मुस्तैद सहयोग के लिए गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने परीक्षा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों, सेवानिवृत्त आईएएस व आईपीएस अधिकारियों (जिन्हें प्रेक्षक बनाया गया था) और अनुशासित तरीके से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की भी सराहना की।
दूसरी ओर, परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने भी इस पारदर्शी व्यवस्था पर संतोष जताया। प्रयागराज और लखनऊ के केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने कहा कि बायोमेट्रिक और सख्त चेकिंग के कारण केवल योग्य छात्रों को ही मौका मिलेगा, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा बढ़ेगा।
यूपीटीईटी 2026 का बिना किसी विवाद के संपन्न होना राज्य के शिक्षा विभाग और प्रशासनिक साख के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर उठे सवालों के बीच, उत्तर प्रदेश का यह एआई-आधारित मॉडल भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए एक नजीर (बेंचमार्क) बनेगा। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और सॉल्वर गैंग की कमर टूटेगी।
परीक्षा के शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद अब आयोग का पूरा ध्यान कॉपियों के सुरक्षित मूल्यांकन और पारदर्शिता के साथ परिणाम जारी करने पर है। नियमानुसार, आयोग बहुत जल्द अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों स्तरों की परीक्षाओं की प्रोविजनल आंसर-की (उत्तरकुंजी) जारी करेगा, जिस पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त होगा।
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