पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो वेटरिनरी कॉलेज, इंटरनेशनल स्टेडियम और कान्हा गोशाला : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वेटरिनरी कॉलेज के लेआउट का अवलोकन करने के दौरान पशुओं (गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा आदि) के रखने और उनकी फीड के लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद उन्होंने निर्देशित किया कि पशुओं के चारागाह ...

By INA News Desk
Dec 4, 2024 - 00:05
58 Views
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो वेटरिनरी कॉलेज, इंटरनेशनल स्टेडियम और कान्हा गोशाला : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर के ताल नदोर में बन रहे पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण करते हुए

सार-

  • निर्माणाधीन पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया सीएम योगी ने
  • सरकार की मंशा ताल नदोर को विकास का नया मॉडल बनाने की : मुख्यमंत्री
  • वेटरिनरी कॉलेज में पशुओं के रखने, चारागाह के लिए हो पर्याप्त रिजर्व लैंड: सीएम योगी

By INA News Gorakhpur.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ताल नदोर में बन रहे वेटरिनरी कॉलेज (पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय) और यहां प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तथा कान्हा गोशाला को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाए। सरकार की मंशा इस क्षेत्र को विकास का एक नया मॉडल बनाने की है। सीएम योगी मंगलवार अपराह्न गोरखपुर के ताल नदोर में बन रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की डिजाइन, लेआउट, मॉडल का अवलोकन कर इसके प्रमुख आयामों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि ताल नदोर में 80 से 100 एकड़ में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और 52 एकड़ में नगर निगम की तरफ से बनाए जाने वाले कान्हा गोशाला को भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक दायरे में लाया जाए।इस पायलट प्रोजेक्ट से हम यहां कुल ढाई-तीन सौ एकड़ क्षेत्रफल में विकास का शानदार मॉडल बना सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए 106 एकड़ क्षेत्रफल में प्रारंभिक सर्वे का काम किया जा चुका है। इसके अलावा 52 एकड़ में बनने वाले कान्हा गोशाला का निर्माण सीएनडीएस द्वारा कराया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्यों को एक दायरे में लाने पर काम किया जाए। वेटरिनरी कॉलेज के निर्माण की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रथम चरण का निर्माण मार्च 2026 में पूरा करा लिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने वेटरिनरी कॉलेज के लेआउट का अवलोकन करने के दौरान पशुओं (गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा आदि) के रखने और उनकी फीड के लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद उन्होंने निर्देशित किया कि पशुओं के चारागाह के लिए पर्याप्त लैंड रिजर्व करने और गौ सरोवर बनाने के लिए भी व्यवस्था की जाए। इसके लिए संरचना में आवश्यक परिवर्तन भी किए जाएं। सीएम योगी ने वेटरिनरी कॉलेज के समीप ही चार एकड़ में बन रहे वृहद गोशाला को भी देखा और निर्देशित किया कि यहां गर्मियों में पशुओं को रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं। 
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान विधायक विपिन सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रशासन, पुलिस, पशुपालन, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

पहले चरण के निर्माण पर खर्च होने 277 करोड़ 31 लाख रुपये
गोरखपुर के ताल नदोर में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी वर्ष 3 मार्च को किया था। 80 एकड़ में क्रमवार तीन चरणों मे बन रहे इस महाविद्यालय के निर्माण पर 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। पहले चरण के निर्माण पर 277 करोड़ 31 लाख रुपये खर्च होंगे।। कार्यदायी संस्था के रूप में लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार दी गई है। महाविद्यालय के परिसर में एकेडमिक ब्लॉक (भूतल+पांच मंजिल) हॉस्पिटल ब्लॉक, आवासीय ब्लॉक, 430 की क्षमता का पुरुष छात्रावास, 268 की क्षमता का महिला छात्रावास, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, कम्युनिटी सेंटर, एसटीपी, किसान भवन के साथ पशु चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी विभिन्न विधाओं के शोध अध्ययन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इस महाविद्यालय परिसर को 'नेट जीरो एनर्जी' की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा।

राजा शालिहोत्र की परिकल्पना पर डिजाइन की गई है महाविद्यालय की ड्राइंगइस महाविद्यालय में पशुओं के इलाज के साथ नस्ल सुधार के कार्य भी होंगे। इस पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के बन जाने के बाद यहां देशभर के पशु चिकित्सकों की ट्रेनिंग भी होगी। इस महाविद्यालय की ड्राइंग श्रावस्ती के राजा शालिहोत्र की परिकल्पना पर डिजाइन की गई है। राजा शालिहोत्र ने तीसरी सदी में शालिहोत्र संहिता रचकर पशुधन के क्षेत्र को समृद्ध किया। भारतीय परंपरा में उन्हें पशु चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है। 

भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड होने की उम्मीद
शिलान्यास के दिन मुख्यमंत्री ने ताल नदोर के पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने का भरोसा दिया था। फिलहाल यह महाविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा से संबद्ध होगा। इसके बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के पशुपालकों को भी काफी फायदा होगा।

फोरलेन होगा पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का एप्रोच मार्ग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के एप्रोच मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। इसके लिए गोरखपुर-वाराणसी हाईवे से महाविद्यालय तक 450 मीटर मार्ग का फोरलेन में 3 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से नवनिर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा इस पर 3 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत भूमि अध्याप्ति पर आएगी। कार्यदायी संस्था के रूप में फोरलेन निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement