एडवोकेट रीना एन सिंह पहुंचीं चुनाव आयोग, सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
योगी आदित्यनाथ के कथित एआई वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज हुई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता ने कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की छवि को विकृत करने और आधुनिक तकनीक के सहारे तैयार किए गए भ्रामक वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस प्रकरण में समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने भारतीय निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने भ्रामक सामग्री तैयार करने और उसे सार्वजनिक मंचों से प्रसारित करने में संलिप्त सभी तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से इस तरह का असत्य और आधारहीन वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे देश-विदेश में बसे गोरक्षपीठ और नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन किसी प्रतिष्ठित संत और राजनेता की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यहीन डिजिटल सामग्री फैलाना अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि इस तरह के कृत्यों पर समय रहते सख्त अंकुश नहीं लगाया गया, तो इससे सामाजिक सौहार्द और व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अधिवक्ता ने निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी आचार संहिता और डिजिटल भ्रामक सामग्री के संबंध में पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ साधना नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आयोग से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन तकनीकी जांच कराई जाए और भ्रामक वीडियो साझा करने वाले जिम्मेदार नेताओं और उनके सहयोगियों पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आयोग स्तर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए, तो वे इस संवेदनशील प्रकरण को सक्षम न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत करेंगी।
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