'अखिलेश बनेंगे सीएम और आजम खान गृह मंत्री': शिवपाल यादव की रामपुर जेल यात्रा और वायरल वीडियो से यूपी में सियासी तूफान

Shivpal Yadav Meets Azam Khan: शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की। जौहर यूनिवर्सिटी में अखिलेश को सीएम और आजम को गृह मंत्री बनाने की चर्चा का वीडियो वायरल।

Aug 12, 2026 - 23:38
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'अखिलेश बनेंगे सीएम और आजम खान गृह मंत्री': शिवपाल यादव की रामपुर जेल यात्रा और वायरल वीडियो से यूपी में सियासी तूफान
Shivpal Yadav Meets Azam Khan In Rampur
  • Shivpal Yadav Meets Azam Khan: रामपुर जेल में आजम खान से मिले शिवपाल यादव, अखिलेश को सीएम और आजम को गृह मंत्री बनाने की चर्चा से सियासी हलचल
  • UP Politics: अखिलेश का एफआरसीए बिल पर हमला, उधर रामपुर में आजम खान से मिले शिवपाल, वीडियो वायरल होने से मचा बवाल
  • Shivpal Meets Azam Khan: रामपुर में शिवपाल यादव की आजम परिवार से मुलाकात, अखिलेश को सीएम और आजम को गृह मंत्री बनाने की चर्चा का वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) अपने सांगठनिक ढांचे और राजनीतिक रणनीति को धार देने में पूरी ताकत से जुट गई है। एक ओर जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव राजधानी दिल्ली से एफआरसीए बिल (FCRA Bill) पर केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव रामपुर जिला जेल पहुंचे। 12 अगस्त 2026 को शिवपाल यादव ने जेल में बंद वरिष्ठ सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से लगभग एक घंटे तक गोपनीय मुलाकात की। इसके बाद वे आजम खान के आवास पहुंचे, जहां जौहर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ बैठक का एक वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री और आजम खान को गृह मंत्री बनाने की बातें कही जा रही हैं, जिसने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।

समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपने कोर वोट बैंक और रणनीतिक सहयोगियों को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी गई है। पार्टी की इस दोहरी रणनीति के तहत अखिलेश यादव ने अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को आगे बढ़ाते हुए एफआरसीए विधेयक पर सीधा निशाना साधा और इसे मुस्लिम व अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाने वाला कानून बताया।

इसी रणनीति के तहत शिवपाल सिंह यादव रामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जिला कारागार में बंद पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान तथा उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम से लंबी मुलाकात की। इसके पश्चात वे आजम खान के पैतृक आवास पर गए और उनकी पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा व बड़े बेटे अदीब आजम से मिले। इसी दौरान मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों के साथ हुई एक बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें सपा सरकार बनने पर शक्ति संतुलन और पदों के बंटवारे का जिक्र किया जा रहा है।

रामपुर में मंगलवार को हुआ यह सियासी घटनाक्रम राज्य की राजनीति में दूरगामी असर डालने वाला माना जा रहा है। शिवपाल सिंह यादव कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जिला जेल पहुंचे और करीब 60 मिनट तक आजम खान व उनके पूर्व विधायक पुत्र अब्दुल्ला आजम से कानूनी लड़ाइयों तथा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। जेल से निकलने के बाद शिवपाल यादव सीधे आजम खान के आवास 'ग़ैर-ए-मुहम्मद' पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी और हर संभव विधिक व नैतिक समर्थन का भरोसा दिया।

इसके बाद शिवपाल यादव ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रस्टियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसी बैठक का एक वीडियो फुटेज इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। वायरल वीडियो में बैठक के दौरान मौजूद समर्थकों व पदाधिकारियों के बीच यह चर्चा होती सुनी जा सकती है कि प्रदेश में आगामी चुनावों के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद संभालेंगे और आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि पार्टी की ओर से इस वीडियो के संदर्भ को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे हाथों-हाथ लिया है।

जेल में मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खान और उनके परिवार को राजनीतिक विद्वेष के तहत झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब भारतीय जनता पार्टी के इस अन्याय को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा समर्थकों का कहना है कि यह कार्यकर्ताओं का स्वाभाविक उत्साह है और आजम खान की वरिष्ठता को देखते हुए लोग उनके प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे थे।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इस मुलाकात और वायरल वीडियो पर तीखा प्रहार किया है। बीजेपी के प्रवक्ताओं ने चुटकी लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में अभी से काल्पनिक पदों की बंदरबांट शुरू हो गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रदेश की जनता विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर वोट देगी और सपा का यह तुष्टिकरण और 'पीडीए' का एजेंडा चुनाव में पूरी तरह विफल साबित होगा।

शिवपाल यादव का रामपुर दौरा और आजम खान परिवार से इस तरह सार्वजनिक रूप से खुलकर मिलना समाजवादी पार्टी के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। रामपुर और आसपास के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आजम खान का राजनीतिक प्रभाव जगजाहिर है। जेल में मुलाकात और जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में पार्टी का इस तरह आगे आना यह संदेश देता है कि सपा अपने पुराने कद्दावर नेताओं को अलग-अलग नहीं पड़ने देगी।

वहीं, अखिलेश यादव द्वारा दिल्ली से एफआरसीए बिल का विरोध करना और शिवपाल की रामपुर यात्रा दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। यह पार्टी के उस बड़े प्लान का हिस्सा है जिसके तहत अल्पसंख्यक वर्ग के भीतर किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर कर उन्हें पार्टी के साथ मजबूती से जोड़े रखना है। हालांकि, वायरल वीडियो ने विपक्षी खेमे को आक्रामक होने का नया हथियार भी दे दिया है। आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मंच पर यह विवाद और गहराने के आसार हैं। समाजवादी पार्टी जहां आजम खान के मुकदमों के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज करने और जनांदोलन खड़ा करने की योजना बना रही है, वहीं पार्टी का शीर्ष नेतृत्व 'पीडीए' यात्राओं के जरिए प्रदेश भर में जनसंपर्क अभियान चलाएगा। दूसरी तरफ, सत्ताधारी दल इस वायरल वीडियो और एफआरसीए बिल पर सपा के रुख को तुष्टिकरण की राजनीति बताकर जनता के बीच ले जाने की रणनीति तैयार कर रहा है।

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