Sambhal: सरकारी जमीन घोटाले पर बोले जियाउर्रहमान बर्क: सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले से पहले किसी को दोषी नहीं मान सकते
सम्भल में सरकारी जमीनों से जुड़े चर्चित मामलों में पूर्व एसडीएम और शाहजहाँपुर के अपर नगर आयुक्त समेत कई अधिकारियों
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में सरकारी जमीनों से जुड़े चर्चित मामलों में पूर्व एसडीएम और शाहजहाँपुर के अपर नगर आयुक्त समेत कई अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बीच सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून अपना काम करे, लेकिन अंतिम फैसला आने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
बर्क ने कहा कि यदि किसी ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है या किसी भी स्तर पर गलत कार्य किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो, जनप्रतिनिधि हो या बड़ा अधिकारी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चकबंदी अधिकारी, तहसीलदार, एसडीएम, डीएम या किसी अन्य प्रशासनिक स्तर का फैसला अंतिम नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार देश की न्याय व्यवस्था में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसी सर्वोच्च अदालतें मौजूद हैं और अंतिम निर्णय वहीं से माना जाता है। उन्होंने कहा कि अतीत में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें निचली अदालतों के फैसले उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट ने बदल दिए। बर्क ने कहा कि जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और अंतिम निर्णय आने के बाद ही यह तय होगा कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष। उन्होंने दोहराया कि यदि कोई भी व्यक्ति—चाहे वह अधिकारी हो, नेता हो या आम नागरिक—कानून का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ समान रूप से कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई का अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
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