Weather Update: देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

IMD Weather Update: मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र से मौसम बदलेगा।

Jul 4, 2026 - 12:09
 0  6
Weather Update: देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
IMD weather update
  • IMD Weather Alert: अगले 5 दिन इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
  • मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: अगले 5 दिनों तक इन 18 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल
  • Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, देश के 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता को देखते हुए 18 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और 3 जुलाई को इसने गुजरात, मध्य प्रदेश के बाकी बचे हिस्सों सहित राजस्थान और हरियाणा के कुछ नए क्षेत्रों में अपनी पहुंच बना ली है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण अगले 4 से 5 दिनों तक मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इस दौरान कई इलाकों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, जिसके चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

  • मानसून की मौजूदा स्थिति और नया सिस्टम

देशभर में जून के सुस्त आगाज के बाद अब जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 3 जुलाई को मानसून ने मध्य प्रदेश और गुजरात के सभी शेष हिस्सों को कवर कर लिया है, साथ ही राजस्थान और हरियाणा के कई प्रमुख इलाकों में भी इसकी एंट्री हो चुकी है। वर्तमान में मौसम को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला सिस्टम उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ है, जहां एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हो गया है। इस मौसमी बदलाव के कारण देश के मैदानी और तटीय इलाकों में नम हवाओं का दबाव बढ़ गया है, जो भारी से बहुत भारी बारिश का कारण बन रहा है।

  • देश के विभिन्न हिस्सों में बदलाव

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने इस चक्रवाती सिस्टम का सीधा असर मध्य और पश्चिम भारत पर देखने को मिलेगा। 4 से 6 जुलाई के बीच कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटीय जिलों में मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

इसके साथ ही, उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में अगले 72 से 96 घंटों के दौरान रुक-रुक कर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भूस्खलन (Landslide) की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

  • मौसम विभाग और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों और स्थानीय प्रशासन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। IMD ने चेतावनी दी है कि इस अवधि के दौरान कुछ राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आ सकती है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं इस सीजन में सबसे ज्यादा घातक साबित हो रही हैं, इसलिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों (SDMA) ने मछुआरों को अगले 3-4 दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है, विशेषकर गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

  • जनजीवन और खेती पर प्रभाव

इस भारी बारिश के दोहरे प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव (Waterlogging) और यातायात बाधित होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। बड़े महानगरों में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने की वजह से सड़कों पर पानी जमा हो सकता है, जिससे दफ्तर आने-जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कृषि क्षेत्र की बात करें तो, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों (जैसे धान, सोयाबीन, मक्का) की बुवाई के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, अत्यधिक भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों में पानी भरने से शुरुआती फसलों को नुकसान होने का भी डर है।

  • सुरक्षा उपाय

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आगामी 5 दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। पहाड़ी और नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने या जरूरत न होने पर बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। शहरी निकायों को जलभराव से निपटने के लिए पंपिंग स्टेशनों को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। आम जनता के लिए मौसम विभाग ने कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय साझा किए हैं:

तेज आंधी और बारिश के दौरान पुराने और जर्जर भवनों या पेड़ों के नीचे शरण न लें।

बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें और खुले मैदानों में न खड़े हों।

जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें क्योंकि गड्ढों या खुले मैनहोल के कारण दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक 'दामिनी' और 'मौसम' ऐप की मदद लें।

Also Read- Bodh Gaya Mahabodhi Temple Donation: महाबोधि मंदिर के दानपात्र से निकले 2 करोड़ रुपये, विदेशी भक्तों ने भी दिल खोलकर चढ़ाया दान

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।