कारनामें करते हैं अखिलेश, सजा भुगतते हैं पीडीए समाज के नेता- ओम प्रकाश राजभर

Lucknow: योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति हमेशा से पिछड़ों

By INA News Desk
Aug 27, 2025 - 13:37
198 Views
कारनामें करते हैं अखिलेश, सजा भुगतते हैं पीडीए समाज के नेता- ओम प्रकाश राजभर
ओम प्रकाश राजभर

हाइलाइट्स

  • गायत्री प्रजापति व रमाकांत यादव के जेल में रहने पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर किया तीखा प्रहार
  • ओपी राजभर ने कहा- अखिलेश यादव की राजनीति हमेशा से पिछड़ों और दलितों के शोषण पर आधारित रही है
  • अखिलेश यादव द्वारा प्रेस कांफ्रेस के मंच से कुम्हार समाज से जुड़े प्रतीक चिन्ह को हटाना दुर्भाग्यपूर्ण- ओपी राजभर
  • कुम्हार का चाक भारतीय आत्मनिर्भरता, परंपरा और श्रम के सम्मान की धरोहर है- राजभर
  • अखिलेश यादव का कृत्य "श्रमजीवी समाज" के सम्मान का खुला अपमान है- ओम प्रकाश राजभर 
  • श्रमजीवी समाज, कारीगरों और मेहनतकश जातियों को नई ऊंचाई देने के लिए लगातार कार्य कर रही है योगी सरकार- राजभर

Lucknow: योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति हमेशा से पिछड़ों और दलितों के शोषण पर आधारित रही है। एक ओर वे “पीडीए-पीडीए” का राग अलापते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके कारनामों का खामियाजा पिछड़े और दलित समाज के नेता आज भी भुगत रहे हैं।

राजभर ने कहा कि गायत्री प्रजापति और रमाकांत यादव जैसे नेताओं को समाजवादी सरकार के गैरकानूनी कामों की वजह से आज जेल में रहना पड़ रहा है। अखिलेश यादव खुद बच जाते हैं, मगर पिछड़े और दलित समाज के नेता जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिए जाते हैं। यही अखिलेश यादव का असली चेहरा है। कारनामें अखिलेश करते हैं और सजा भुगतते हैं पीडीए समाज के नेता। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया का यह इतिहास रहा है कि वे पिछड़े और दलित नेताओं से गैरकानूनी काम कराते हैं और जब मामला गंभीर होता है तो उनसे किनारा कर लेते हैं। यही उनकी “पीडीए पॉलिटिक्स” की असलियत है।

  • अखिलेश ने किया प्रजापति समाज और मेहनतकश बिरादरी का खुला अपमान- राजभर

राजभर ने अखिलेश यादव के प्रेस कांफ्रेस के दौरान मंच से कुम्हार समाज का प्रतीक चिन्ह “कुम्हार का चाक” हटाने की घटना को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम अखिलेश यादव के मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि कुम्हार का चाक भारतीय संस्कृति, श्रमजीवी समाज और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उसे मंच से हटाना प्रजापति समाज और मेहनतकश बिरादरी का खुला अपमान है।

  • अखिलेश यादव का पीडीए सिर्फ पिछड़ा और दलितों पर अत्याचार पर आधारित है- राजभर

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ “वोकल फॉर लोकल” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों से हर कारीगर, हर श्रमजीवी समाज को सम्मान और बराबरी का अधिकार दे रहे हैं। वहीं अखिलेश यादव का रवैया बताता है कि उनका पीडीए सिर्फ और सिर्फ पिछड़ा और दलितों पर अत्याचार पर आधारित है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को यह समझना होगा कि कुम्हार का चाक कोई सामान्य प्रतीक नहीं है, यह भारतीय आत्मनिर्भरता, परंपरा और श्रम के सम्मान की धरोहर है। उसका मंच से हटाना बताता है कि अखिलेश यादव को पीडीए समाज से कोई सरोकार नहीं है। उनकी राजनीति सिर्फ वोट तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार श्रमजीवी समाज, कारीगरों और मेहनतकश जातियों को नई ऊंचाई देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में जनता अखिलेश यादव को उनके इस दोहरे चरित्र का जवाब देगी।

Also Read- दिल्ली हाई कोर्ट ने रद्द किया पीएम मोदी की डिग्री खुलासे का आदेश, निजी जानकारी मानते हुए CIC के निर्देश को खारिज किया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow