कांकेर के शिव मंदिर में भालू ने बजाई घंटी, 'शिव भक्त भालू' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। 

Viral News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के सिंगारभाट गांव में 26 अगस्त 2025 की रात एक अनोखी और दिलचस्प घटना सामने आई, जब एक जंगली भालू स्थानीय शिव मंदिर में पहुंचा और मंदिर के बाहर

Aug 27, 2025 - 13:25
 0  62
कांकेर के शिव मंदिर में भालू ने बजाई घंटी, 'शिव भक्त भालू' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। 
कांकेर के शिव मंदिर में भालू ने बजाई घंटी, 'शिव भक्त भालू' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। 

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के सिंगारभाट गांव में 26 अगस्त 2025 की रात एक अनोखी और दिलचस्प घटना सामने आई, जब एक जंगली भालू स्थानीय शिव मंदिर में पहुंचा और मंदिर के बाहर लगी घंटी को अपने पंजों से बजाया। इस अद्भुत नजारे को स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस भालू को “शिव भक्त भालू” कहकर पुकार रहे हैं और इसे भगवान शिव की भक्ति और प्रकृति के अनोखे संगम का प्रतीक मान रहे हैं। यह घटना कांकेर के सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस लाइन के पास स्थित शिव मंदिर में हुई, जहां भालू की इस हरकत ने सभी को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर लोग इसे आस्था और प्रकृति का खूबसूरत मिलन बता रहे हैं।

कांकेर जिला, जो घने जंगलों से घिरा हुआ है, में भालुओं का आना-जाना आम बात है। यह क्षेत्र कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के नजदीक है, जहां भालू, तेंदुआ, और अन्य जंगली जानवर अक्सर देखे जाते हैं। लेकिन मंदिर में भालू का इस तरह घंटी बजाना पहली बार देखा गया। वीडियो में साफ दिखता है कि भालू रात के समय मंदिर परिसर में प्रवेश करता है और मंदिर के गेट पर लटकी घंटी को सहजता से बजाता है। मंदिर का गेट बंद होने के कारण भालू अंदर नहीं जा सका, लेकिन उसकी इस हरकत ने वहां मौजूद लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। कुछ लोगों ने इसे चमत्कार माना, तो कुछ ने इसे प्रकृति और आस्था का अनोखा संयोग बताया।

स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया कि रात करीब 10 बजे जब कुछ लोग मंदिर के आसपास थे, तभी भालू अचानक जंगल से निकलकर मंदिर की ओर आया। पहले तो लोग डर गए, लेकिन जब भालू ने शांति से घंटी बजाई और फिर चुपचाप जंगल की ओर लौट गया, तो सभी हैरान रह गए। एक अन्य निवासी, शांति बाई, ने कहा, “यह भालू मानो भगवान शिव के दर्शन करने आया हो। हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। यह भगवान की कृपा है।” स्थानीय लोगों का मानना है कि यह भालू रामायण काल के जामवंत का प्रतीक हो सकता है, जो भगवान शिव के भक्त थे। कई लोगों ने इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से जोड़कर देखा और इसे शिव भक्ति का प्रतीक माना।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक एक्स यूजर ने लिखा, “कांकेर का यह भालू सचमुच शिव भक्त है। प्रकृति और भक्ति का यह संगम देखकर मन प्रसन्न हो गया।” एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “लगता है भालू भी अब मंदिर में पूजा करने आने लगा है। यह वीडियो हर किसी को देखना चाहिए।” वीडियो को हजारों लोग देख चुके हैं, और इसे साझा करते हुए लोग इसे आस्था का अनोखा उदाहरण बता रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे पर्यावरण और आध्यात्मिकता के बीच संतुलन का प्रतीक भी बताया।

कांकेर में भालुओं का रिहायशी इलाकों में आना कोई नई बात नहीं है। जामवंत परियोजना के तहत वन विभाग ने 2014-15 में कांकेर के आसपास के जंगलों में भालुओं के लिए विशेष विचरण क्षेत्र बनाया था, जहां अमरूद, बेर, और जामुन जैसे फलदार पेड़ लगाए गए थे। लेकिन इन पेड़ों के फल न देने के कारण भालू भोजन की तलाश में अक्सर गांवों और शहरों की ओर आते हैं। सिंगारभाट गांव के पास घने जंगल होने के कारण भालू अक्सर रिहायशी इलाकों में देखे जाते हैं। 2024 में कांकेर के सिटी सेंटर मॉल में भालू के घूमने और एक युवक पर हमले की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की थी।

इस बार की घटना में भालू ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन इसने लोगों के बीच उत्साह और आश्चर्य पैदा कर दिया। वन विभाग की टीम को इस घटना की जानकारी दी गई, और उन्होंने लोगों से भालू के पास न जाने की सलाह दी है। वन विभाग के अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि भालू आमतौर पर रात में भोजन की तलाश में निकलते हैं, और मंदिर के पास शायद कुछ खाने की गंध ने उन्हें आकर्षित किया होगा। उन्होंने कहा, “भालू जंगली जानवर हैं और उनके व्यवहार को पूरी तरह समझना मुश्किल है। लोगों को चाहिए कि वे भालू को देखकर दूर रहें और उनकी हरकतों को रिकॉर्ड करने की कोशिश न करें।”

यह घटना गणेश चतुर्थी के उत्सव के समय हुई, जिसने इसे और खास बना दिया। गणेश चतुर्थी के दौरान छत्तीसगढ़ में धार्मिक उत्साह चरम पर होता है, और लोग भगवान गणेश के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा भी करते हैं। इस वीडियो ने लोगों में आध्यात्मिक भावनाओं को और बढ़ा दिया। कुछ स्थानीय लोगों ने इसे भगवान शिव का आशीर्वाद माना और कहा कि यह घटना इस बात का सबूत है कि प्रकृति और ईश्वर का गहरा रिश्ता है। एक बुजुर्ग निवासी, हरिराम यादव, ने कहा, “जंगल का जानवर भी भगवान के सामने नतमस्तक हो रहा है। यह हम सभी के लिए एक संदेश है कि हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए।”

कांकेर के शिव मंदिर में पहले भी भालू के आने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह भालू पिछले कुछ दिनों से मंदिर के आसपास देखा जा रहा था। पहले लोग रात में घंटी बजने की आवाज को किसी भक्त की पूजा से जोड़ते थे, लेकिन जब सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो में भालू को घंटी बजाते देखा गया, तो यह रहस्य खुला। मंदिर के पुजारी रामलाल सिन्हा ने बताया कि मंदिर का परिसर जंगल के करीब है, और रात में शांति होने के कारण भालू यहां आ सकता है। उन्होंने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि भालू ने मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और शांति से चला गया।”

यह वीडियो न केवल कांकेर में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से देख रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भालू का मंदिर में आना और घंटी बजाना एक संयोग हो सकता है, क्योंकि भालू स्वाभाविक रूप से जिज्ञासु जानवर हैं और वे किसी चीज को छूकर या हिलाकर उसकी जांच करते हैं। लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह घटना आस्था और चमत्कार से कम नहीं है।

वन विभाग ने इस घटना के बाद मंदिर और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे रात में मंदिर के आसपास अनावश्यक रूप से न घूमें और भालू को परेशान न करें। साथ ही, वन विभाग ने जामवंत परियोजना को और प्रभावी करने की योजना बनाई है, ताकि भालुओं को जंगल में ही पर्याप्त भोजन मिल सके और वे रिहायशी इलाकों में न आएं।

Also Read- राउरकेला में स्पाइडर-मैन के वेश में स्टंटबाजी पड़ी महंगी, बिना हेलमेट बाइक चलाने पर 15,000 रुपये का जुर्माना, बाइक जब्त।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।