Sambhal: गृहकर में 6 से 15 गुना बढ़ोतरी का आरोप, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद ने सरकार को भेजा चार सूत्रीय ज्ञापन
75 जिलों में एक साथ उठी आवाज, सर्वे में गड़बड़ी का आरोप; 21 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो नगर विकास मंत्री से होगी मुलाकात
उवैस दानिश, सम्भल
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद, भारत ने नगर पालिका परिषदों द्वारा गृहकर और भवन कर में कथित भारी बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को सम्भल में चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. मिश्रा के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार को ज्ञापन देकर कर वृद्धि वापस लेने और सर्वे की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
के.के. मिश्रा ने आरोप लगाया कि पहले जिन मकानों पर करीब 200 रुपये गृहकर लिया जाता था, आज उसी पर 1800 से 2200 रुपये तक का कर वसूला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में 6 से 15 गुना तक कर बढ़ा दिया गया, जिससे मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग और पुराने मकानों में रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिषद ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ यह अभियान चलाया है और हर जिले में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा रहा है। उनका आरोप है कि नगर पालिका के कर्मचारियों ने सर्वे सही तरीके से नहीं किया और कई जगह बिना वास्तविक जांच के कर निर्धारण कर दिया गया। ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें गृहकर और भवन कर की बढ़ी हुई दरों की समीक्षा कर राहत दी जाए। प्रत्येक मकान का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराया जाए। कर निर्धारण का स्पष्ट आधार और प्रतिशत सार्वजनिक किया जाए। सर्वे में अनियमितता या धांधली के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जेल भेजा जाए। के.के. मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि 21 दिनों के भीतर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो परिषद का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा से मुलाकात कर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा।
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