Sambhal: कैंडल मार्च पर पुलिस की रोक से कांग्रेस में आक्रोश, जिलाध्यक्ष बोले— सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही
NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की मौत व आत्महत्याओं के विरोध में कांग्रेस द्वारा
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की मौत व आत्महत्याओं के विरोध में कांग्रेस द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने पर सियासत गरमा गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सम्भल में जिला कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कार्यालय से शहीद भगत सिंह पार्क तक श्रद्धांजलि कैंडल मार्च निकालने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष आरिफ तुर्की ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान एक छात्रा की मौत हुई और कई छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हुए। इन्हीं छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला जा रहा था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया। आरिफ तुर्की ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्यारी बन चुकी है। शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को झुकना पड़ा और उनकी मांगों को स्वीकार करना पड़ा। कांग्रेस का उद्देश्य केवल उन छात्रों को श्रद्धांजलि देना और युवाओं के संघर्ष का सम्मान करना था। उन्होंने कहा कि देश के 48 करोड़ युवा ही भविष्य तय करेंगे और अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। कैंडल मार्च को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच हुई इस तनातनी के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस के आरोप अब चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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