Ravneet Singh Bittu Resigns: रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर, पंजाब की राजनीति में नई भूमिका की तैयारी
केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया।
- केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया
- मोदी कैबिनेट से रवनीत सिंह बिट्टू का बड़ा इस्तीफा, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी; पंजाब चुनाव पर नजर!
- केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया स्वीकार
केंद्रीय राजनीति और पंजाब के सियासी गलियारे से शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार में रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। हाल ही में जून के महीने में बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ था। माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से उनके अलग होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी उन्हें पंजाब की प्रादेशिक राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है, जहां आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है।
देश के राजनीतिक पटल पर अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल रहे वरिष्ठ भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू अब मोदी कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रवनीत सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब भाजपा पंजाब में संगठनात्मक ढांचे को और अधिक धार देने की योजना बना रही है। राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल समाप्त होने और पुनर्मूल्यांकन के बाद बिट्टू ने खुद को केंद्रीय दायित्वों से मुक्त कर राज्य स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई।
रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में रहा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद मार्च 2024 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था।
लोकसभा चुनाव और मंत्रिमंडल में शामिल होना: वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें लुधियाना संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा था। हालांकि, वह इस चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने पंजाब में सिख चेहरे और प्रमुख प्रतिनिधित्व के रूप में उन पर विश्वास जताया और जून 2024 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया।
राजस्थान से राज्यसभा यात्रा: मंत्री पद की संवैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्हें राजस्थान से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उच्च सदन भेजा गया था।
कार्यकाल की समाप्ति: राजस्थान से उनका यह कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया। कार्यकाल समाप्त होने के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
इस्तीफे का निर्णय: बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पंजाब में पूर्णकालिक जनसेवा करने और राज्य के आगामी राजनीतिक अभियानों में सक्रिय योगदान देने का अनुरोध किया। इसके उपरांत उन्होंने औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंप दिया।
इस्तीफा स्वीकार होने के तुरंत बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा:
"मैं भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। भारत की जनता और विशेष रूप से मेरे प्रिय पंजाब की सेवा करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात रही है। मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प और राष्ट्रवाद के प्रति पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध रहूंगा।"
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिट्टू का इस्तीफा किसी मतभेद का परिणाम नहीं है, बल्कि यह भाजपा की एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। वहीं पंजाब भाजपा के स्थानीय नेताओं ने उनके इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि राज्य में उनकी जमीनी पकड़ से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
रवनीत सिंह बिट्टू के इस फैसले का पंजाब और केंद्र दोनों स्तरों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है:
पंजाब की राजनीति में केंद्र बिंदु: भाजपा पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपना आधार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बिट्टू के केंद्र से मुक्त होकर राज्य में सक्रिय होने से पार्टी को लुधियाना और मालवा क्षेत्र में एक मजबूत और लोकप्रिय चेहरा मिलेगा।
2027 पंजाब विधानसभा चुनाव: भाजपा वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी बड़े क्षेत्रीय दल के बिना उतरने की तैयारी कर रही है। ऐसे में बिट्टू जैसे अनुभवी नेता का राज्य में जमीनी स्तर पर काम करना कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरेगा।
मंत्रिपरिषद में फेरबदल की आहट: केंद्रीय मंत्रिपरिषद में एक पद रिक्त होने के बाद आने वाले समय में मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार या विभागों के पुनर्गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मंत्रिमंडल से इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब रवनीत सिंह बिट्टू पूरी तरह से पंजाब की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही उन्हें पंजाब प्रदेश संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकता है या राज्य स्तरीय चुनाव प्रबंधन समिति का प्रमुख बना सकता है। आगामी दिनों में वह पंजाब के विभिन्न जिलों का दौरा कर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
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