Mussoorie: दिल्ली के छात्र बोले- एकता की ताकत से मिली जीत, मसूरी में कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकाल युवाओं के संघर्ष को किया सलाम
देशभर में छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों की गूंज षुक्रवार को मसूरी में भी सुनाई दी। कांग्रेस के
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी। देशभर में छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों की गूंज षुक्रवार को मसूरी में भी सुनाई दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर शहर कांग्रेस कमेटी ने अंबेडकर चौक से महात्मा गांधी प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकालकर महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में छात्रों द्वारा किए गए आंदोलन को लोकतांत्रिक संघर्ष का प्रतीक बताया।अंबेडकर चौक से शुरू हुआ मार्च महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा, जहां दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित कर शिक्षा में पारदर्शिता, लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में शामिल दिल्ली से आए छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि देशभर के छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया। उनका कहना था कि छात्रों की एकजुटता ने सरकार को उनकी आवाज सुनने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य की लड़ाई थी। छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने मेहनत करने वाले युवाओं का विश्वास तोड़ा है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। उनका कहना था कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में छात्रों ने जिस साहस और एकजुटता के साथ अपनी बात रखी, उसने पूरे देश के युवाओं को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी कोहली ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया था। आज उसी रास्ते पर चलते हुए युवा अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज का सम्मान होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद जगी है और सरकार को युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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