देवबंद में ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ की तैयारियां तेज: सामाजिक कुरीतियों पर होगा मंथन, कई राज्यों से जुटेंगे लोग

देवबंद में प्रस्तावित ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ को लेकर तैयारियां तेज। दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों के खिलाफ उठेगी आवाज, एक लाख लोगों के जुटने का दावा।

By INA News Desk
Sep 18, 2026 - 21:17
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देवबंद में ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ की तैयारियां तेज: सामाजिक कुरीतियों पर होगा मंथन, कई राज्यों से जुटेंगे लोग

देवबंद। सामाजिक समरसता, एकता और समाज में व्याप्त बुराइयों के निवारण के उद्देश्य से देवबंद में आयोजित होने वाले विशाल ब्राह्मण-भूमिहार महाकुंभ को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में सभा स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की। समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस महाआयोजन का मुख्य लक्ष्य समाज को संगठित करने के साथ ही कुरीतियों के विरुद्ध एक व्यापक जनचेतना का संचार करना है।

आयोजन स्थल के जायजे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि यह सामाजिक समागम समाज की भावी दिशा तय करने में अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाकुंभ के मंच से दहेज प्रथा, वैवाहिक आयोजनों में बढ़ते दिखावे व अनावश्यक व्यय तथा पगड़ी रस्म के समय आयोजित होने वाले मृत्यु भोज जैसी व्यवस्थाओं को समाप्त करने के लिए निर्णायक विमर्श किया जाएगा। रूढ़िवादी परंपराओं में सकारात्मक सुधार लाने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति व सामाजिक दायित्वों से जोड़ना इस आयोजन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समिति के आयोजकों का दावा है कि इस महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई निकटवर्ती राज्यों से एक लाख से अधिक लोग भाग लेंगे। जनसमूह की भारी उपस्थिति के अनुमान को देखते हुए वाहनों के आवागमन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए ग्रामीण अंचलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए गठित विशेष टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों को इस अभियान का हिस्सा बनने का निमंत्रण दे रही हैं।

समिति ने दोहराया कि इस विशाल आयोजन का ध्येय केवल संख्या बल का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि समाज के सामने खड़ी चुनौतियों पर खुलकर संवाद स्थापित करना और उनका ठोस समाधान तलाशना है। निरीक्षण के दौरान हरिओम त्यागी, मुखिया के तुषार त्यागी, ऋषभ त्यागी, महिपाल त्यागी, बिजेंद्र त्यागी और नरेंद्र प्रधान सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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