देवबंद में सांसद इमरान मसूद ने सुनीं जनसमस्याएं: बिजली चेकिंग पर अफसरों को दिए निर्देश, भाजपा पर साधा निशाना
देवबंद डाक बंगले में सांसद इमरान मसूद ने जनसमस्याएं सुनीं। बिजली चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न रोकने के दिए निर्देश, श्मशान घाट पर टीनशेड की मांग भी उठी।
देवबंद। स्थानीय डाक बंगले पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान सांसद इमरान मसूद ने क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली जांच के नाम पर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रमुखता से सामने आया। ग्रामीणों की शिकायत पर सांसद ने विद्युत निगम के उपखंड अधिकारी संतोष कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को मौके पर तलब कर उपभोक्ताओं की समस्याएं सीधे सुनने और पारदर्शी तरीके से समाधान कराने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान हसनपुर लोटनी, उमरी, बड़ा बांस, रतनहेड़ी और सिसौनी ग्राम पंचायतों से आए ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव का विषय उठाया। ग्रामीण लाल सिंह मैनवाल ने बताया कि श्मशान घाटों पर छाया और टीनशेड की व्यवस्था न होने के कारण बारिश और तेज धूप में अंतिम संस्कार के समय लोगों को भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ता है। कई बार प्रार्थना पत्र सौंपने के बाद भी कार्य न होने पर सांसद ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर प्राथमिकता के आधार पर टीनशेड निर्माण कराने को कहा। इसके अतिरिक्त पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों पर भी उन्होंने अधिकारियों से वार्ता कर त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद इमरान मसूद ने चुनावी राजनीति को लेकर राजनीतिक विरोधियों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी मुद्दों के सहारे चुनाव लड़ना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है, जबकि उनका दल सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की विचारधारा पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनहित के मुद्दों के आधार पर ही मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार होता है। बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केवल कुछ सीटों पर सफलता पा लेने से ही पूर्ण जनादेश साबित नहीं होता। वहीं कलक्ट्रेट परिसर से जुड़े निर्माण विवाद पर उन्होंने किसी भी प्रकार की सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया।
What's Your Reaction?







