Hardoi: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम सख्त, खराब प्रगति वाले चिकित्सा अधीक्षकों को चेतावनी जारी करने के निर्देश
स्वामी विवेकानन्द सभागार मे जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की
Hardoi: स्वामी विवेकानन्द सभागार मे जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में जिलाधिकारी ने संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, घर-घर सर्वेक्षण, स्रोत निस्तारण, साफ-सफाई, जनजागरूकता एवं विभागीय समन्वय की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि अभियान को पूरी गंभीरता एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, जिससे संचारी रोगों की रोकथाम में बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।
इसके उपरांत उन्होंने पीएम राहत योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजना की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबंधित एमओआईसी के विरुद्ध चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के नोडल अधिकारी से कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कराई गई सर्जरी की जानकारी प्राप्त की तथा पात्र बच्चों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पंजीकरण की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण में तेजी लाने तथा सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही टेली-परामर्श सेवाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि अधिक से अधिक मरीजों को इस सुविधा का लाभ दिलाया जाए। जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी की कार्यप्रणाली एवं वहां उपचाररत बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रशिक्षित एएनएम द्वारा कराए जा रहे प्रसवों की समीक्षा करते हुए सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया कि आगामी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अपने-अपने क्षेत्रों की सेक्टरवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन प्रशिक्षित एएनएम द्वारा एक माह में 10 से कम संस्थागत प्रसव कराए गए हों, उन्हें चेतावनी जारी करते हुए उनके कार्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित कराया जाए। संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संस्कृति त्रिवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भावनाथ पाण्डेय, समस्त चिकित्सा अधीक्षक एवं स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?




