Fatehpur News: फतेहपुर से खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की शुरुआत, कृष्णा पासवान ने दिखाई हरी झंडी

Fatehpur News: फतेहपुर से पशुधन राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने एफएमडी टीकाकरण जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाई। 45 दिनों में शत-प्रतिशत पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य।

Jul 23, 2026 - 00:26
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Fatehpur News: फतेहपुर से खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की शुरुआत, कृष्णा पासवान ने दिखाई हरी झंडी
फतेहपुर में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करतीं पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री कृष्णा पासवान।

Fatehpur News: फतेहपुर से खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की शुरुआत, कृष्णा पासवान ने दिखाई हरी झंडी

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने फतेहपुर जिले से खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 45 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान में पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और गंभीरता के साथ शत-प्रतिशत पात्र मवेशियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

जिले में पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एफएमडी टीकाकरण का आठवां चरण संचालित किया जा रहा है। 45 दिन की अवधि वाले इस अभियान के लिए जिले के 13 विकास खंडों में 46 समर्पित टीमों का गठन किया गया है। अभियान के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों व पशु चिकित्साधिकारियों को सुपरवाइजर तैनात किया गया है। उनके मार्गदर्शन में पशुधन प्रसार अधिकारी, प्रशिक्षित मैत्री और पैरावेट घर-घर जाकर पशुओं को टीका लगाएंगे। जिले को कुल 5,95,720 एफएमडी वैक्सीन की खुराक प्राप्त हुई हैं, जिससे चार माह से अधिक आयु के सभी गाय-भैंसों का टीकाकरण और अनिवार्य टैगिंग की जाएगी।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीकाकरण प्रक्रिया की रियल टाइम ऑनलाइन दर्जिंग 'भारत पशुधन' मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी। इसमें मवेशी का टैग नंबर, पशुपालक का पहचान पत्र ब्यौरा, मोबाइल नंबर और संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रविष्टि के दौरान पशुपालक के फोन पर प्राप्त ओटीपी को टीम के साथ साझा करना अनिवार्य होगा, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट हो सके। पहली बार टीका लगवाने वाले पशुओं को एक माह बाद बूस्टर खुराक भी दी जाएगी। साथ ही वैक्सीन की गुणवत्ता के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था का कड़ाई से निरीक्षण किया जाएगा और गौशालाओं के मवेशियों को प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जाएगा।

खुरपका-मुंहपका रोग से मवेशियों के मुंह व पैरों में छाले, बुखार, कमजोरी और दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है, जिससे पशुधन उत्पादों के वैश्विक निर्यात में भी बाधा उत्पन्न होती है। राज्य मंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे गांवों में आने वाली टीमों का सहयोग करें और अपने पशुओं को टीका लगवाकर इस संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखें।

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