Entertainment News: गुरमीत सिंह की नई गैंगस्टर सागा में दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन का धमाका; बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत

निर्देशक गुरमीत सिंह की नई गैंगस्टर सागा में दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों और समीक्षकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

By INA News Desk
Sep 19, 2026 - 17:07
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Entertainment News: गुरमीत सिंह की नई गैंगस्टर सागा में दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन का धमाका; बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत
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मुंबई। भारतीय सिनेमा में स्थानीय पृष्ठभूमि और अपराध की जटिल दुनिया को दर्शाने वाले जॉनर को दर्शकों ने हमेशा से प्राथमिकता दी है। इसी कड़ी में चर्चित निर्देशक गुरमीत सिंह द्वारा निर्देशित नई गैंगस्टर सागा ने सिनेमाघरों में दस्तक देकर जोरदार शुरुआत की है। इस फिल्म में हिंदी डिजिटल और सिनेमाई जगत के तीन मंझे हुए कलाकार दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। रिलीज के शुरुआती सप्ताहांत में ही फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे बॉक्स ऑफिस के टिकट काउंटरों पर अच्छी हलचल दर्ज की जा रही है।

गुरमीत सिंह, जिन्होंने इससे पहले 'मिर्ज़ापुर' जैसी लोकप्रिय क्राइम थ्रिलर श्रृंखला के निर्देशन में अपनी गहरी छाप छोड़ी है, ने इस बार भी स्थानीय सामाजिक परिवेश, सत्ता के संघर्ष और अपराध की गहरी परतों को पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है। फिल्म की पटकथा में पारंपरिक ड्रामा और आज के दौर की सिनेमाई बारीकियों का बेहतर संतुलन दिखाई देता है, जिसे दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

कलाकारों की नई केमिस्ट्री और किरदारों की गहराई

इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी स्टार कास्ट मानी जा रही है। दिव्येंदु, जिन्होंने गंभीर और विद्रोही किरदारों में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है, इस कहानी में एक बिल्कुल अलग मिजाज के गैंगस्टर के रूप में प्रस्तुत हुए हैं। उनके किरदार में आंतरिक द्वंद्व और आक्रामकता का जो रूप देखने को मिला है, उसकी सिनेमा समीक्षक विशेष सराहना कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, मुख्य रूप से सरल और आम नागरिक के किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले जितेंद्र कुमार का यह नया अवतार दर्शकों के लिए एक बड़ा आश्चर्य बनकर सामने आया है। इस गैंगस्टर ड्रामा में उन्होंने एक शांत, रणनीतिकार और अप्रत्याशित फैसले लेने वाले किरदार को निभाया है। उनके इस रूपांतरण (ट्रांसफॉर्मेशन) ने साबित किया है कि वे पारंपरिक भूमिकाओं से परे जाकर डार्क और जटिल चरित्रों में भी सहजता से ढल सकते हैं।

वहीं, भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता व सांसद रवि किशन ने कहानी में एक कद्दावर और अनुभवी बाहुबली का किरदार निभाया है। उनकी संवाद अदायगी, क्षेत्रीय भाषा की पकड़ और स्क्रीन प्रजेंस ने फिल्म के तनावपूर्ण दृश्यों में जान फूंक दी है। तीनों अभिनेताओं के बीच का टकराव और गठजोड़ कहानी को लगातार बांधे रखने में सफल साबित हुआ है।

बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ और दर्शकों का रुझान

रिलीज के पहले दिन से ही फिल्म ने मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों ही प्रकार के सिनेमाघरों में सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज कराई है। उत्तर भारत के प्रमुख वितरण क्षेत्रों विशेषकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और मध्य प्रदेश में फिल्म के प्रति दर्शकों की रुचि अधिक देखी जा रही है। स्थानीय बोलचाल, जमीनी मुहावरे और यथार्थवादी सेटिंग्स के चलते इन क्षेत्रों में अग्रिम बुकिंग और टिकटों की बिक्री में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है।

ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की देसी क्राइम थ्रिलर फिल्मों की सफलता पूरी तरह से 'माउथ पब्लिसिटी' (दर्शकों की मौखिक समीक्षा) पर निर्भर करती है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म के संपादन (एडिटिंग), बैकग्राउंड स्कोर और अप्रत्याशित क्लाइमेक्स की तारीफ हो रही है, जिससे आने वाले कारोबारी दिनों में ऑक्यूपेंसी (सभागार में सीटों का भराव) और बेहतर होने का अनुमान है।

यथार्थवादी निर्देशन और तकनीकी पक्ष

निर्देशक गुरमीत सिंह ने कहानी को केवल अंधाधुंध हिंसा या एक्शन दृश्यों तक सीमित रखने के बजाय पात्रों की पृष्ठभूमि और उनके अपराध की दुनिया में उतरने के सामाजिक कारणों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। फिल्म का कैमरा वर्क ग्रामीण और कस्बाई अंचलों की धूल, गलियों और वीरान इलाकों को बेहद वास्तविक रूप में पेश करता है।

फिल्म के संवाद तीखे हैं और वे किसी कृत्रिम बनावट के बजाय स्थानीय संस्कृति से सीधे जुड़े हुए प्रतीत होते हैं। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर को अनावश्यक रूप से भारी बनाने के बजाय केवल भावनात्मक और तनावपूर्ण क्षणों को उभारने के लिए सीमित रखा गया है, जो इस शैली की फिल्मों को मजबूती प्रदान करता है।

यह फिल्म एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि भारतीय दर्शक अब केवल बड़े बजट और विदेशी लोकेशंस वाली फिल्मों के पीछे नहीं भागते, बल्कि यदि कहानी में स्थानीय मिट्टी की सुगंध, दमदार लेखन और विश्वसनीय अभिनय हो, तो वे उसे हाथों-हाथ लेते हैं।

दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन जैसे कलाकारों का एक साथ आना और निर्देशक गुरमीत सिंह का सधा हुआ दृष्टिकोण इस परियोजना को एक यादगार क्राइम ड्रामा बनाने में सफल रहा है। वर्तमान में जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर इसे गति मिल रही है, उससे उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म इस वर्ष की उल्लेखनीय सफल गैंगस्टर फिल्मों की सूची में अपना स्थान पक्का करेगी।

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