Hardoi News: गोवंश के भरण-पोषण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निर्माणाधीन आश्रय स्थल समय से पूरे कराने के सीडीओ ने दिए निर्देश
विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश संरक्षण
हरदोई। विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना के अंतर्गत जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों की प्रगति एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद में संचालित स्थायी एवं अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थिति, संरक्षित गोवंश की संख्या, गोवंश आश्रय स्थलों की डीबीटी की प्रगति तथा सहभागिता योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को किए जा रहे भुगतान की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित सभी गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल एवं समुचित चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गोवंश के संरक्षण एवं भरण-पोषण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने गोवंश आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाए जाने पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि आश्रय स्थलों से संबद्ध चारागाह की भूमि पर उत्तर प्रदेश चारा नीति के अंतर्गत हरे चारे की बुवाई सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की आवश्यकता के अनुरूप हरे चारे का आकलन करते हुए उसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थलों में स्थापित केयरों की स्थिति तथा उपलब्ध कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत एवं गो-काष्ठ के उत्पादन की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोवंश से प्राप्त उत्पादों के अधिकतम उपयोग एवं उत्पादन को प्रोत्साहित करते हुए गोवंश आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन गोवंश आश्रय स्थलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। अतः सभी संबंधित अधिकारी गोवंश आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित कराएं।
बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों, संबंधित खण्ड विकास अधिकारियों एवं अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि गोवंश संरक्षण से संबंधित समस्त योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं कल्याण के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
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