Mussoorie: मसूरी में ‘मलबा बम’ का कहर, पांच बच्चों समेत परिवार ने भागकर बचाई जान
लगातार बारिश के बीच मसूरी के जेपी बैंड क्षेत्र में रविवार देर रात बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी। लगातार बारिश के बीच मसूरी के जेपी बैंड क्षेत्र में रविवार देर रात बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर पीडब्ल्यूडी आवासों में घुस गए, जिससे घरों के कमरे मिट्टी से भर गए और सामान क्षतिग्रस्त हो गया। एक परिवार ने पांच बच्चों समेत घर से भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोगों ने घटना को केवल प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि ऊपरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का मलबा नियमों के विपरीत ढलानों और जल निकासी मार्गों में डाला गया था, जो बारिश के साथ नीचे बह आया। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक नालों से छेड़छाड़ और मलबा निस्तारण में लापरवाही ने खतरे को कई गुना बढ़ा दिया।
घटना के बाद क्षेत्रीय सभासद शिवानी भारती मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्यों की जांच की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और एसडीएम राहुल आनंद के निर्देश पर प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
हाल ही में पानी वाले बैंड पर सड़क धंसने की घटना के बाद जेपी बैंड में मलबा आने से पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगो का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित न किया गया निर्माण मलबा बारिश में "मलबा बम" बनकर जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
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