Himachal Rain Damage: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर, 95 सड़कें बंद और ₹1235 करोड़ का नुकसान, 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

Himachal Monsoon Update: हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश से 95 सड़कें बंद हो गई हैं और ₹1235 करोड़ का भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने 3 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

By INA News Desk
Sep 4, 2026 - 13:39
6 Views
Himachal Rain Damage: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर, 95 सड़कें बंद और ₹1235 करोड़ का नुकसान, 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
  • Himachal Weather Alert: हिमाचल में आफत की बारिश, 95 मार्ग ठप, अरबों की संपत्ति स्वाहा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
  • हिमाचल में कुदरत का कोहराम: 95 प्रमुख सड़कें ठप, 1235 करोड़ का बड़ा नुकसान; 3 जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया रेड-ऑरेंज अलर्ट!
  • Himachal Weather News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही जारी, 95 सड़कें अवरुद्ध और 1235 करोड़ की संपत्ति तबाह, 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में जारी मानसूनी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में भूस्खलन और मलबे की वजह से 95 से अधिक प्रमुख सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। अब तक लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड सहित अन्य बुनियादी ढांचों को कुल ₹1235 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान पहुंच चुका है। राज्य के विभिन्न इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए 3 प्रमुख जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और संवेदनशील इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में इस साल का मानसून जान-माल के लिए भारी तबाही लेकर आया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बादलों के फटने और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण पूरे प्रदेश की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा चरमरा गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 95 सड़कें आवाजाही के लिए पूरी तरह बाधित हैं। इसके अलावा, सरकारी व निजी संपत्ति को मिलाकर कुल नुकसान का आंकड़ा ₹1235 करोड़ के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 3 अति-संवेदनशील जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में बीते कई दिनों से मानसूनी हवाएं अत्यधिक सक्रिय हैं। पहाड़ी ढलानों पर लगातार हो रही बारिश से मिट्टी धंसने और चट्टानों के खिसकने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा और सिरमौर जिलों में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित हुई हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर मलबा आने से जगह-जगह गाड़ियां और पर्यटक फंसे हुए हैं।

इसके साथ ही, उफनती नदियों और खड्डों के कारण कई पेयजल योजनाएं और बिजली के ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे दर्जनों गांवों में पानी और बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है। लोक निर्माण विभाग को अकेले सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग की पाइपलाइनों को भी भारी क्षति पहुंची है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य के ऊपरी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मंडी, शिमला और सिरमौर जैसे तीन जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जहां फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा भी बना हुआ है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जहां-जहां सड़कें बंद हुई हैं, वहां भारी मशीनरी और जेसीबी तैनात कर मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों से भी अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण बंद सड़कों को दोबारा खोलने के काम में बार-बार बाधा आ रही है, फिर भी मुख्य संपर्क मार्गों को बहाल करना उनकी पहली प्राथमिकता है।

बारिश और भूस्खलन के कारण बुनियादी ढांचे को हुआ ₹1235 करोड़ का नुकसान राज्य की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन पर गहरा असर डाल रहा है। सड़कें बंद होने से सेब उत्पादकों और किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को नुकसान होने का अंदेशा है।

पर्यटन उद्योग, जो राज्य की आर्थिकी का मुख्य आधार है, इस मानसूनी तबाही से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा, कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है और बिजली-पानी की सेवाएं ठप होने से आम जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।

प्रशासन की पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और अवरुद्ध 95 सड़कों को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करना है। मौसम विभाग द्वारा जारी 3 जिलों के अलर्ट को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रखा गया है।

आगामी दिनों में यदि बारिश की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो बहाली और मरम्मत कार्यों में तेजी आएगी। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भी राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग करने की तैयारी की है, ताकि आपदा से हुए भारी नुकसान की भरपाई की जा सके।

Also Read- Andhra Pradesh News: 3 साल के मासूम को पुल पर रोता छोड़ पति-पत्नी ने गोदावरी नदी में लगाई छलांग, तलाश जारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow