Weather Forecast Today: देश के 18 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन-किन राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

By INA News Desk
Aug 31, 2026 - 13:04
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Weather Forecast Today: देश के 18 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम
IMD Weather Update भारी बारिश अलर्ट
  • IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
  • अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने 18 राज्यों के लिए जारी की चेतावनी, जानिए अपने राज्य का हाल
  • IMD Alert: अगले 24 घंटों के दौरान 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी, प्रशासन सतर्क

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियों में आए बड़े बदलाव को देखते हुए अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली मानसूनी हवाओं तथा सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के चलते देश के एक बड़े भूभाग में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने संबंधित राज्यों के स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने और निचले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने एक विशेष मौसम बुलेटिन जारी कर देश के 18 राज्यों में व्यापक स्तर पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका और वायुमंडल के निचले स्तरों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वायुमंडलीय दबाव में तेजी से बदलाव आया है। इसके परिणामस्वरूप कई प्रमुख राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू होने और कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

मौसम विभाग ने जिन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। कई पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से बिना जरूरी काम के खुले में न निकलने की अपील की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और मध्य भारत के ऊपर बने एक नए निम्न दबाव क्षेत्र के कारण नमी युक्त हवाएं तेजी से उत्तर और मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं। इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी बादलों का जमावड़ा बढ़ गया है।

पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव, सीवरेज ओवरफ्लो और यातायात व्यवस्था बाधित होने की आशंका के मद्देनजर नगर निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों को पंपिंग स्टेशनों और ड्रेनेज सिस्टम को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी बदलाव मानसूनी तंत्र के सामान्य से अधिक सक्रिय होने के कारण हुआ है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि कुछ क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक बारिश होने से अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थिति बन सकती है, जिसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को लगातार रियल-टाइम रडार डेटा उपलब्ध कराया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य आपदा प्रबंधन विभागों ने स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। स्थानीय प्रशासनों ने मछुआरों को समुद्र तटों से दूर रहने और पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटकों को नदी-नालों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है।

लगातार और भारी बारिश के इस पूर्वानुमान का सीधा असर जनजीवन, यातायात और कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। बड़े शहरों में सड़कों पर जलभराव के कारण कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हवाई, रेल और सड़क यातायात पर भी खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते असर पड़ने की संभावना है।

दूसरी तरफ, कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश मिली-जुली साबित हो सकती है। धान और खरीफ की फसलों के लिए जहां पर्याप्त जल आपूर्ति से राहत मिलेगी, वहीं जिन खेतों में पहले से पानी भरा हुआ है, वहां जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने का जोखिम भी बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क मार्गों के अवरुद्ध होने से आपूर्ति श्रृंखला और दैनिक परिवहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद भी कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में आंशिक कमी आ सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, धातु की संरचनाओं और खुले बिजली के तारों से दूर रहें। राज्य सरकारें स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रही हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं।

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