IndiaSkills 2026-27: रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़कर 22 सितंबर हुई, युवाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

इंडियास्किल्स 2026-27 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 22 सितंबर तक बढ़ाई गई। स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल से करें आवेदन, विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार।

By INA News Desk
Sep 20, 2026 - 23:16
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IndiaSkills 2026-27: रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़कर 22 सितंबर हुई, युवाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

लखनऊ। प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और उनके हुनर को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित हो रही ‘इंडियास्किल्स 2026-27’ प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब इच्छुक अभ्यर्थी आगामी 22 सितंबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। पूर्व निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं की मांग और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह विस्तार किया गया है।

प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को न केवल अपनी तकनीकी दक्षता साबित करने का मौका मिलता है, बल्कि शीर्ष स्तर पर पहुंचने वाले प्रतिभागियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच यानी ‘वर्ल्डस्किल्स’ प्रतियोगिता में तिरंगा लहराने का मार्ग भी प्रशस्त होता है। विभाग ने तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विधाओं में पारंगत युवाओं से समय सीमा समाप्त होने से पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

पोर्टल और क्यूआर कोड के माध्यम से आवेदन की सुविधा

कौशल विकास मिशन के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया गया है। अभ्यर्थी ‘स्किल इंडिया डिजिटल’ (Skill India Digital) आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मिशन द्वारा जारी आधिकारिक क्यूआर (QR) कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी आवश्यक विवरण भरकर आवेदन सबमिट किया जा सकता है।

अंतिम तिथि में हुए दो दिनों के इस विस्तार से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के उन युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा जो तकनीकी दिक्कतों या जानकारी के अभाव में अब तक पंजीकरण नहीं करा सके थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर की रात 12 बजे के बाद पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा स्वतः बंद हो जाएगी।

पांच चरणों में परखी जाएगी दक्षता: जिले से विश्व स्तर तक का सफर

इंडियास्किल्स केवल एक साधारण प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित त्रिस्तरीय एवं बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया है। इसके चरणबद्ध प्रारूप के तहत:

  1. जिला स्तर: सबसे पहले पंजीकृत युवाओं की दक्षता का मूल्यांकन जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में किया जाता है।

  2. मंडल स्तर: जिले से चयनित प्रतिभागी मंडल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।

  3. राज्य स्तर: मंडलों के शीर्ष विजेता राज्य स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

  4. क्षेत्रीय (रीजनल) स्तर: विभिन्न राज्यों के विजेताओं के बीच रीजनल स्तर का कड़ा मुकाबला होता है।

  5. राष्ट्रीय स्तर: अंत में देश के सर्वश्रेष्ठ हुनरमंद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण देकर वैश्विक स्तर की ‘वर्ल्डस्किल्स’ प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जाता है, जिसे कौशल विकास का ओलंपिक माना जाता है।

आधुनिक और पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में कौशल प्रदर्शन के अवसर

यह प्रतियोगिता उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें पारंपरिक तकनीकी क्षेत्रों के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकी विधाओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है:

  • उन्नत तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक कोडिंग।

  • पारंपरिक व औद्योगिक विधाएं: वेल्डिंग, सीएनसी मिलिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन आदि।

  • सेवा व लाइफस्टाइल क्षेत्र: ब्यूटी एंड वेलनेस, फैशन टेक्नोलॉजी, हेयर ड्रेसिंग और हॉस्पिटैलिटी।

इस विविधता के कारण तकनीकी संस्थानों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई के छात्रों के साथ-साथ स्व-प्रशिक्षित हुनरमंद युवाओं को भी अपनी पहचान बनाने का समान अवसर प्राप्त होता है।

पदक के साथ नकद पुरस्कारों की प्रोत्साहन व्यवस्था

प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न स्तरों पर पदक के साथ नकद पुरस्कार का प्रावधान किया गया है:

  • राज्य स्तर:

    • स्वर्ण पदक: ₹20,000

    • रजत पदक: ₹15,000

    • कांस्य पदक: ₹10,000

  • रीजनल (क्षेत्रीय) स्तर:

    • स्वर्ण पदक: ₹75,000

    • रजत पदक: ₹50,000

    • कांस्य पदक: ₹25,000

  • राष्ट्रीय स्तर: राष्ट्रीय स्तर पर सफल प्रतिभागियों को इससे भी अधिक वित्तीय सहायता, प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्रदान किया जाता है।

प्रतिष्ठित संस्थानों से मार्गदर्शन और रोजगार के द्वार

इंडियास्किल्स में आगे बढ़ने वाले अभ्यर्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों, तकनीकी विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के शीर्ष विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। यह ग्रूमिंग प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय कार्य मानकों के अनुरूप तैयार करती है।

प्रतियोगिता का एक महत्वपूर्ण पहलू रोजगार सृजन भी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले प्रतिभागियों को आगे चलकर विभिन्न तकनीकी मूल्यांकनों में ‘ट्रेनर’ और ‘असेसर’ बनने के अवसर प्राप्त होते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दक्ष प्रशिक्षकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए भी इन सफल प्रतिभागियों की प्रतिभा का उपयोग करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। ऐसे में यह मंच केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहकर सीधे आजीविका और करियर निर्माण का माध्यम बन रहा है।

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