केरल स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2025 में UDF की जोरदार जीत, LDF को लगा बड़ा झटका और NDA को मिली ऐतिहासिक सफलता

चुनाव दो चरणों में 9 और 11 दिसंबर को हुए थे, जिसमें छह कॉर्पोरेशनों, 87 म्यूनिसिपलिटीज, 152 ब्लॉक पंचायतों, 14 जिला पंचायतों और 941 ग्राम पंचायतों के लिए

By INA News Desk
Dec 14, 2025 - 10:45
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केरल स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2025 में UDF की जोरदार जीत, LDF को लगा बड़ा झटका और NDA को मिली ऐतिहासिक सफलता
केरल स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2025 में UDF की जोरदार जीत, LDF को लगा बड़ा झटका और NDA को मिली ऐतिहासिक सफलता
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केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को राज्यभर में भारी नुकसान हुआ है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत वापसी की है। चुनाव नतीजे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दिशा निर्धारित करने वाले माने जा रहे हैं। मतगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, UDF ने 941 ग्राम पंचायतों में से 504 से अधिक पर कब्जा जमाया है, जबकि LDF केवल 340 से 341 पर सिमट गई है। ब्लॉक पंचायतों में UDF ने 79 और LDF ने 63 हासिल की हैं। जिला पंचायतों में दोनों फ्रंट्स के बीच कड़ा मुकाबला रहा, जहां प्रत्येक ने सात-सात जीती हैं। म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशनों में UDF ने छह में से चार पर नियंत्रण हासिल किया है, जिसमें कोल्लम, कोची, थ्रिसूर और कन्नूर शामिल हैं। LDF ने कोझिकोड कॉर्पोरेशन बरकरार रखी है, जबकि NDA ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। तिरुवनंतपुरम में NDA ने 101 वार्डों में से 50 जीते, LDF को 29 और UDF को 19 मिले। यह LDF के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि यह कॉर्पोरेशन लंबे समय से उनके नियंत्रण में थी। म्यूनिसिपलिटीज में UDF ने 87 में से 54 पर बहुमत हासिल किया, जबकि LDF को कम सीटें मिलीं। NDA ने कुछ म्यूनिसिपलिटीज में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जैसे त्रिपुनिथुरा में जीत।

चुनाव दो चरणों में 9 और 11 दिसंबर को हुए थे, जिसमें छह कॉर्पोरेशनों, 87 म्यूनिसिपलिटीज, 152 ब्लॉक पंचायतों, 14 जिला पंचायतों और 941 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हुआ। कुल 23,000 से अधिक वार्डों में मतदान हुआ। मतगणना 13 दिसंबर को शुरू हुई और विभिन्न केंद्रों पर चली। प्रारंभिक रुझानों में ही UDF की बढ़त दिखी, जो अंत तक बनी रही। ग्राम पंचायतों में UDF ने 2020 की तुलना में बड़ा उलटफेर किया, जहां LDF का दबदबा था। ब्लॉक और जिला स्तर पर भी UDF ने कई पारंपरिक LDF क्षेत्रों में सेंध लगाई। कॉर्पोरेशन स्तर पर UDF की जीत ने शहरी क्षेत्रों में उनकी स्थिति मजबूत की है। कोची कॉर्पोरेशन में UDF ने बहुमत पार किया, थ्रिसूर और कन्नूर में भी स्पष्ट बढ़त हासिल की। कोल्लम में UDF ने लंबे समय बाद वापसी की। कोझिकोड में LDF ने अपनी स्थिति बचाई, लेकिन कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। NDA की तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन जीत राज्य में उनकी बढ़ती उपस्थिति का संकेत है। उन्होंने कुछ अन्य शहरी क्षेत्रों में भी वार्ड जीते। ग्राम पंचायतों में UDF की 504 से अधिक जीतें LDF के लिए ग्रामीण आधार में कमी दर्शाती हैं। 2020 में LDF ने इनमें अधिकांश पर कब्जा किया था, लेकिन इस बार वे काफी पीछे रह गए। ब्लॉक पंचायतों में भी UDF की 79 जीतें 2020 की 38 से बड़ा सुधार है। जिला पंचायतों में बराबरी का मुकाबला रहा। म्यूनिसिपलिटीज में UDF ने आधे से अधिक पर नियंत्रण किया, जो शहरी मतदाताओं की पसंद बदलने का संकेत है।

चुनाव परिणामों से विभिन्न जिलों में अलग-अलग पैटर्न दिखे। मलप्पुरम और अन्य क्षेत्रों में UDF ने मजबूत प्रदर्शन किया। तिरुवनंतपुरम जिले में NDA की कॉर्पोरेशन जीत के अलावा LDF ने कुछ म्यूनिसिपलिटीज बचाईं। एर्नाकुलम और थ्रिसूर में UDF की बढ़त स्पष्ट थी। कुल मिलाकर, UDF ने राज्यभर में अधिकांश स्थानीय निकायों पर कब्जा जमाया। NDA ने चुनिंदा शहरी केंद्रों में प्रगति की, जबकि LDF कई मजबूत क्षेत्रों में पिछड़ गई। मतगणना के दौरान विभिन्न केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। राज्य निर्वाचन आयोग ने रुझान और अंतिम परिणाम जारी किए। निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण 21 दिसंबर को होगा। ये परिणाम 2026 विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर राज्य स्तर की राजनीति की दिशा दिखाते हैं। UDF की इस जीत ने कई जिलों में उनकी स्थिति मजबूत की है, जबकि LDF को कई पारंपरिक गढ़ गंवाने पड़े। NDA की तिरुवनंतपुरम सफलता राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बढ़ाती है। कुल परिणामों से साफ है कि मतदाताओं ने बदलाव की ओर रुझान दिखाया है।

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