केरल में निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर बलात्कार और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोप: शिकायतकर्ता की शपथ-पत्र ने खोला राज। 

केरल की राजनीति में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर एक महिला ने

Nov 29, 2025 - 14:29
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केरल में निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर बलात्कार और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोप: शिकायतकर्ता की शपथ-पत्र ने खोला राज। 
केरल में निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर बलात्कार और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोप: शिकायतकर्ता की शपथ-पत्र ने खोला राज। 

केरल की राजनीति में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर एक महिला ने बलात्कार, धोखे से सहमति लेना, जबरन गर्भपात कराना और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। यह शिकायत 28 नवंबर 2025 को दर्ज की गई एफआईआर में उल्लिखित है, जिसमें महिला का दावा है कि राहुल ने गर्भावस्था के दौरान भी कई बार उसके साथ बलात्कार किया। विश्वसनीय स्रोतों जैसे द हिंदू, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स और एएनआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना पलक्कड़ से विधायक राहुल की छवि को और धूमिल कर रही है। राहुल को अगस्त 2025 में ही कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था, जब महिलाओं के खिलाफ अनुचित व्यवहार के आरोप लगे थे। अब केरल पुलिस ने मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है और राहुल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है, ताकि वे देश छोड़ न सकें। यह विवाद स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

राहुल मामकूट्टाथिल पलक्कड़ जिले से विधायक हैं और पहले यूथ कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा तेजी से आगे बढ़ी थी, लेकिन अगस्त 2025 में अभिनेत्री रीनी ऐन जॉर्ज ने एक प्रमुख राजनीतिक दल के युवा नेता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसमें बिना नाम लिए राहुल पर इशारा किया गया। इसके बाद कई महिलाओं ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से राहुल पर अश्लील संदेश भेजने और स्टॉकिंग के आरोप लगाए। कांग्रेस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया और यूथ कांग्रेस के पद से हटा दिया। लेकिन यह नया मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। शिकायतकर्ता महिला ने 27 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मुलाकात की और अपनी शिकायत सौंपी। इसमें व्हाट्सएप चैट्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत शामिल थे। एक ऑडियो क्लिप में राहुल की कथित आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें वे महिला को गर्भपात के लिए दबाव डालते और आज्ञा न मानने पर धमकी देते हुए सुनाई देते हैं।

महिला का बयान पांच घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें उन्होंने 20 पेज का विस्तृत विवरण दिया। उनके अनुसार, राहुल ने शादी का झांसा देकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पहली घटना अप्रैल 2025 में तिरुवनंतपुरम के एक फ्लैट में हुई, जहां राहुल ने उनके साथ बलात्कार किया और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की। उन्होंने महिला को धमकी दी कि अगर उन्होंने कुछ कहा तो वीडियो वायरल कर देंगे। इसके बाद मई 2025 के आखिरी हफ्ते में पलक्कड़ के अपने फ्लैट पर दो दिनों तक फिर से बलात्कार किया। महिला के गर्भवती होने की जानकारी होने के बावजूद राहुल ने 22 अप्रैल 2025 को उनके अपार्टमेंट में हमला किया। एफआईआर में दर्ज है कि गर्भावस्था के दौरान भी कई बार ऐसी घटनाएं हुईं। राहुल ने कहा कि गर्भावस्था उनकी राजनीतिक करियर बर्बाद कर देगी, इसलिए गर्भपात कराना जरूरी है। 30 मई 2025 को राहुल के करीबी सहयोगी जॉबी जोसेफ ने तिरुवनंतपुरम के कैथामुक्कू से महिला को कार में बिठाया और बेंगलुरु से लाए गए गर्भपात की दवाइयां सौंपीं। जॉबी का फोन स्विच ऑफ है और पुलिस उन्हें भी फरार मान रही है।

पुलिस ने वलियामाला थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की, जो बाद में नेमोम थाने को ट्रांसफर कर दी गई, क्योंकि घटनाएं इसी क्षेत्र में हुईं। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार), 64(2) (बार-बार बलात्कार), 64(एफ) (विश्वास की स्थिति में बलात्कार), 64(एच) (गर्भवती महिला पर बलात्कार), 64(एम) (एक ही पीड़िता पर बार-बार हमला), 89 (गर्भपात कराना), 115 (गंभीर चोट पहुंचाना) और 351 (मौखिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी (इलेक्ट्रॉनिक धमकी) भी लगाई गई है। ये सभी धाराएं गैर-जमानती हैं, जिसका मतलब है कि गिरफ्तारी बिना वारंट के हो सकती है। तिरुवनंतपुरम सिटी पुलिस कमिश्नर थॉमसन जोस ने बताया कि जांच क्राइम ब्रांच चीफ एच वेंकटेश को सौंपी गई है। नेय्यात्टिनकारा मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला का गुप्त बयान दर्ज कराया गया है, जो मजबूत सबूत बनेगा।

राहुल मामकूट्टाथिल ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने 28 नवंबर को एंटीसिपेटरी बेल के लिए याचिका दायर की, जिसमें कहा कि संबंध सहमति से थे और शिकायतकर्ता पहले स्थानीय थाने में क्यों नहीं गईं। उन्होंने दावा किया कि महिला एक राजनीतिक दल समर्थित चैनल से जुड़ी है और यह केस स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित करने के लिए रचा गया है। राहुल ने कहा कि अगर गर्भावस्था हुई भी, तो बीएनएस की धारा 116 के तहत जिम्मेदारी पति की है, क्योंकि महिला शादीशुदा है। लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया। राहुल का फोन स्विच ऑफ है और पलक्कड़ में उनका विधायक कार्यालय बंद हो गया है। पुलिस को शक है कि वे राज्य छोड़ चुके हैं। कोच्चि में एक वकील से मिलने की खबर है, जहां वे हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट में बेल की मांग करेंगे।

यह मामला केरल की राजनीति को हिला रहा है। स्थानीय निकाय चुनाव 9 और 11 दिसंबर को होने हैं, इसलिए कांग्रेस ने कहा कि यह सीपीआई(एम) की चाल है। यूडीएफ संयोजक एडूर प्रकाश ने कहा कि चुनाव से पहले हर बार ऐसी 'पीड़िता' सामने आ जाती है। लेकिन कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने स्पष्ट किया कि राहुल पर कार्रवाई दृढ़ विश्वास पर आधारित थी और दबाव में नहीं बदलेगी। एआईसीसी महासचिव दीपा दास मुंशी ने कहा कि कानून अपना कोर्स लेगा। यूथ कांग्रेस नेता सजना बी सजन ने पहले ही राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने तंज कसा कि महीनों पहले ही कार्रवाई होनी चाहिए थी। सीपीआई(एम) मंत्री एमए बेबी ने कहा कि कांग्रेस अभी भी राहुल का समर्थन कर रही है। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

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