चक्रवात दित्वाह तमिलनाडु के तटों की ओर बढ़ा: उड़ानें रद्द, ट्रेनें प्रभावित, 13 जिलों में भारी बारिश से स्कूल-कॉलेज बंद। 

तमिलनाडु और उसके आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवात दित्वाह, जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी

Nov 29, 2025 - 14:07
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चक्रवात दित्वाह तमिलनाडु के तटों की ओर बढ़ा: उड़ानें रद्द, ट्रेनें प्रभावित, 13 जिलों में भारी बारिश से स्कूल-कॉलेज बंद। 
चक्रवात दित्वाह तमिलनाडु के तटों की ओर बढ़ा: उड़ानें रद्द, ट्रेनें प्रभावित, 13 जिलों में भारी बारिश से स्कूल-कॉलेज बंद। 

तमिलनाडु और उसके आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवात दित्वाह, जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में विकसित हो रहा है, धीरे-धीरे तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान 30 नवंबर 2025 की सुबह तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में 7-8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हुए तमिलनाडु के उत्तरी तटों के निकट पहुंच सकता है। वर्तमान में यह श्रीलंका के तटीय इलाकों से गुजर चुका है, जहां इससे भारी तबाही हुई है। लगभग 100 लोगों की मौत और सैकड़ों लापता होने की खबरें हैं। भारत ने श्रीलंका को मानवीय सहायता भेजी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। तमिलनाडु में चक्रवात के असर से भारी बारिश शुरू हो चुकी है, खासकर दक्षिणी और कावेरी डेल्टा जिलों में। इससे उड़ानें रद्द हो रही हैं, ट्रेनें बाधित हैं और 13 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। यह चक्रवात इस महीने का दूसरा बड़ा मौसमी घटना है, जिससे राज्य सरकार ने सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

चक्रवात दित्वाह की शुरुआत बंगाल की खाड़ी में एक गहरे दबाव क्षेत्र के रूप में हुई थी। 28 नवंबर 2025 की शाम तक यह चक्रवाती तूफान बन चुका था। भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 नवंबर की सुबह 5:30 बजे यह श्रीलंका के जाफना से 80 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। इसका केंद्र अक्षांश 9.4 उत्तरी और देशांतर 80.7 पूर्वी पर था। यह कराईकल से 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, पुदुच्चेरी से 300 किलोमीटर और चेन्नई से 400 किलोमीटर दक्षिण में था। तूफान की गति धीमी है, लेकिन यह थोड़ा और तीव्र हो सकता है। 30 नवंबर की सुबह तक यह तमिलनाडु के उत्तरी तट, पुदुच्चेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के निकट पहुंचेगा। लैंडफॉल की संभावना है, लेकिन तटीय क्षेत्रों में समानांतर चलते हुए यह भारी तबाही मचा सकता है। विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अत्यधिक भारी वर्षा, 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें चेतावनी दी गई हैं। दक्षिणी तमिलनाडु के जिलों में 29 और 30 नवंबर को 20-25 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। कावेरी डेल्टा क्षेत्र जैसे तंजावुर, तिरुवरुर, नागापट्टिनम और मायिलादुतुरै में बाढ़ का खतरा है।

तमिलनाडु सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 28 नवंबर को 14 जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक की। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहें। अरक्कोनम से एनडीआरएफ की एक टीम पुदुच्चेरी और कराईकल पहुंच चुकी है। राज्य में 100 से अधिक राहत केंद्र खोले गए हैं, जहां हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में बिजली के खंभों को मजबूत किया जा रहा है। स्टालिन ने कहा कि हम इस महीने के पहले चक्रवात से सबक ले चुके हैं। कोई चूक नहीं होगी। विपक्षी दलों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने भी सहायता का वादा किया है। श्रीलंका को भेजी गई सहायता में भोजन, दवाइयां और तंबू शामिल हैं।

चक्रवात का सबसे बड़ा असर यातायात पर पड़ा है। हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है। इंडिगो एयरलाइंस ने 29 नवंबर के लिए जाफना, पुदुच्चेरी, तूतीकोरिन और तिरुचिरापल्ली के लिए कई उड़ानें रद्द कर दीं। चेन्नई हवाई अड्डे पर 54 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 36 क्षेत्रीय उड़ानें पूरी तरह रद्द हैं। छोटे विमानों की सभी सेवाएं निलंबित कर दी गईं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें। श्रीलंकाई एयरलाइंस ने भी चेन्नई-कोलंबो रूट पर देरी और रद्दीकरण की घोषणा की। रेल यात्रा भी बाधित है। साउदर्न रेलवे ने 28 और 29 नवंबर के लिए कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट किया है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दिया गया है। चेन्नई से तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों और आंध्र प्रदेश जाने वाली ट्रेनें प्रभावित हैं। सड़क मार्ग पर भी सतर्कता बरती जा रही है। पुलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

शिक्षा संस्थानों पर भी चक्रवात का असर पड़ा है। भारी बारिश की चेतावनी के कारण तमिलनाडु के 13 जिलों में 29 नवंबर को स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इनमें तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, नागापट्टिनम, मायिलादुतुरै, कुद्दालोर, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवन्नामलाई, तिरुवरुर, पुदुक्कोट्टई, अरियालुर, पेरंबलुर और सलेम शामिल हैं। पुदुच्चेरी, कराईकल, माहे और यानम में भी सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं। कलेक्टरों ने विशेष कक्षाएं न चलाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति, चित्तूर, भापटला, प्राकासम और नेल्लोर जिलों में भी छुट्टी की घोषणा हुई है। केरल में पीली चेतावनी जारी है। इन जिलों में भारी वर्षा से सड़कें जलमग्न हो रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें हैं।

चक्रवात दित्वाह के असर से तमिलनाडु के तटीय जिलों में हाई अलर्ट है। रामनाथपुरम, तंजावुर और नागापट्टिनम में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए हैं। चेन्नई में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, लेकिन डेल्टा क्षेत्र में भारी वर्षा रिकॉर्ड हो रही है। नागापट्टिनम में सुबह 3:30 बजे तक सेंटीमीटर भर वर्षा हुई। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे मछली पकड़ने वाले नावें तट पर खड़ी हैं। विभाग ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। बेंगलुरु में भी पीली चेतावनी है। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय जिलों में 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक भारी बारिश की संभावना है। रेड अलर्ट वाले जिलों में कुद्दालोर, मायिलादुतुरै, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और पुदुच्चेरी हैं। ऑरेंज अलर्ट पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागापट्टिनम, अरियालुर, पेरंबलुर, तिरुचिरापल्ली, सलेम, कालाकुरिची, तिरुवन्नामलाई, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर और रानीपेट में है।

इस चक्रवात ने श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहां 100 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। बाढ़ और भूस्खलन से हजारों बेघर हो गए। भारत ने 28 नवंबर को राहत सामग्री भेजी, जिसमें 50 टन चावल, दवाइयां और कंबल शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति को फोन कर सहानुभूति व्यक्त की। तमिलनाडु में भी इसी तरह की तबाही से बचने के लिए प्रयास हो रहे हैं। एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात हैं। हेलीकॉप्टर और नावें तैयार हैं। बिजली विभाग ने 24 घंटे ड्यूटी लगाई है। स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयों का स्टॉक बढ़ाया है। ग्रामीण विकास विभाग ने निचले इलाकों से लोगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है।

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