Madhyapradesh: अपराधियों के हौसले बुलंद - बैतूल में नजर आया निर्भया जैसा मामला, लिफ्ट देने के बहाने स्कॉर्पियो में नाबालिग से किया गैंगरेप।
मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है इसका नजारा एक बार फिर सामने आया जिले की आमला तहसील से एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप जैसा सनसनीखेज
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
- घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर छोड़ा,रात भर स्टेशन पर रही पीड़िता ,जीआरपी ने दी पुलिस को सूचना ,मामले में अब तक दो आरोपी गिरफ्तार — एक अभी भी फरार, घटना में प्रयुक्त स्कोर्पियो जब्त ,पुलिस ने शुरू की मामले की गहन जांच
मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है इसका नजारा एक बार फिर सामने आया जिले की आमला तहसील से एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप जैसा सनसनीखेज मामला आया सामने
तीन युवकों ने स्कूल से लौट रही छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने अपनी स्कॉर्पियो कार में बैठाया और सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अभी फरार है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद नाबालिग छात्रा अपने परिचित से फोन पर बात कर रही थी। उसके पास मोबाइल नहीं था, इसलिए उसने अपनी सहेली का फोन लिया। कुछ देर बाद सहेली घर चली गई और छात्रा वहीं पास में बैठी रही।
उसी दौरान मौके पर मौजूद तीन युवक — सूरज, लोकेश और लालू — छात्रा के संपर्क में आए। उन्होंने बातचीत के दौरान उसे अपने फोन से कॉल करने को कहा ताकि वह अपने मित्र से बात कर सके। बच्ची ने उनके फोन से बात की और यही संपर्क बाद में अपराध का कारण बन गया। जब छात्रा घर जाने लगी तो युवकों ने उसे घर छोड़ने का प्रस्ताव दिया। पहले तो उसने इंकार किया, लेकिन चूंकि वह पहले ही उनसे बात कर चुकी थी, उसने उन्हें जान-पहचान का समझ लिया और उनके साथ कार में बैठ गई।
लिफ्ट के बहाने से बनी दरिंदगी की वारदात पुलिस के अनुसार, कार सुनसान रास्ते की ओर मोड़ दी गई। जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपियों ने कहा कि गाड़ी खराब हो गई है और थोड़ी देर में चल पड़ेंगे। लेकिन अंधेरा होने पर तीनों ने बारी-बारी से गाड़ी के भीतर ही नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी छात्रा को आमला रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए।
रातभर स्टेशन पर बैठी रही पीड़िता
घटना के बाद छात्रा पूरी रात रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल में बैठी रही। अगले दिन पुलिस की गश्त के दौरान जब उसे संदिग्ध हालात में देखा गया, तो पूछताछ में उसने पूरी आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाया और देर रात मामला दर्ज किया गया।
फोन कॉल बना पुलिस के लिए सुराग
छात्रा द्वारा आरोपियों के फोन से किए गए कॉल ने पुलिस को सुराग दिया। कॉल डिटेल्स की मदद से तीनों आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने सूरज और लोकेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ड्राइवर लालू फरार है। वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है।
पुलिस जांच जारी
एडिशनल एसपी कमला जोशी के अनुसार, छात्रा 31 अक्टूबर से लापता थी, लेकिन परिवार ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी क्योंकि वह पहले भी एक बार घर छोड़कर जा चुकी थी। अब पूरे मामले की जांच डीएसपी वूमेन सेफ्टी दुर्गेश मार्को को सौंपी गई है।
भारत की सभी दर्शकों से यह विनम्र अपील है कि— कृपया अपने बच्चों को हमेशा समझाएँ कि किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करने या उसकी गाड़ी में बैठने से बचें। माता-पिता और अभिभावक भी यह ज़रूर ध्यान रखें कि बच्चे कहाँ हैं, किसके साथ हैं, और समय पर घर लौटे या नहीं।
थोड़ी-सी सतर्कता, थोड़ी-सी जिम्मेदारी… भविष्य में ऐसी कई दर्दनाक घटनाओं को रोक सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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