मध्य प्रदेश के कटनी में भाजपा नेता नीलेश राजक की हत्या: पार्किंग विवाद से भड़की आग, आरोपियों का एनकाउंटर, थानेदार सहित दो पुलिसकर्मी निलंबित।
मध्य प्रदेश का कटनी जिला, जो अपनी औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, हाल ही में एक सनसनीखेज हत्या कांड से हिल गया। 28 अक्टूबर 2025 को कटनी
मध्य प्रदेश का कटनी जिला, जो अपनी औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, हाल ही में एक सनसनीखेज हत्या कांड से हिल गया। 28 अक्टूबर 2025 को कटनी के कैमोर शहर में भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल अध्यक्ष नीलेश राजक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पार्किंग विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, लेकिन भाजपा विधायक संजय पाठक ने इसे 'लव जिहाद' से जोड़ते हुए राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। हत्या के कुछ घंटों बाद ही आरोपी अकरम खान और उसके साथी प्रिंस जोसफ को पुलिस ने कजर्वाड़ा के पास एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी के पिता ने आत्महत्या कर ली, जबकि कैमोर थाने के थानेदार और एक हेड कांस्टेबल को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैला दिया और सांप्रदायिक तनाव बढ़ा दिया।
कटनी जिला मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र में स्थित है, जहां सेंधाई नदी के किनारे कैमोर जैसे छोटे शहर बसे हैं। यहां की सड़कें व्यस्त रहती हैं और पार्किंग की समस्या आम है। 28 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे कैमोर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के बाहर पार्किंग को लेकर विवाद हुआ। नीलेश राजक, 38 वर्षीय स्थानीय भाजपा नेता, अपनी मोटरसाइकिल से बाजार जा रहे थे। अकरम खान और प्रिंस जोसफ नामक दो युवक मोटरसाइकिल पर थे। पुलिस के अनुसार, अकरम ने अपनी बाइक नीलेश की मोटरसाइकिल से टकरा दी, जिससे झगड़ा शुरू हो गया। गवाहों का कहना है कि नीलेश ने आपत्ति जताई, तो अकरम ने गाली-गलौज की। अचानक अकरम ने अपनी पिस्टल निकाली और नीलेश पर तीन गोलियां चला दीं। गोलियां नीलेश के सिर और छाती में लगीं। वे मौके पर ही गिर पड़े। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दोनों आरोपी मास्क पहने थे और बाइक पर भाग निकले।
नीलेश राजक कटनी जिले के भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष थे। वे बजरंग दल के पूर्व जिला अधिकारी भी रह चुके थे और गौ सेवा प्रमुख के रूप में सक्रिय थे। स्थानीय स्तर पर वे सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनके परिवार में पत्नी, 11 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी है। नीलेश परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मां बुजुर्ग हैं। हत्या की खबर फैलते ही कैमोर शहर में सन्नाटा छा गया। नीलेश का शव विजयराघवगढ़ सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन परिवार और स्थानीय निवासियों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। उन्होंने कैमोर और विजयराघवगढ़ थानों के बाहर सड़क जाम कर दी। सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। नारे लगे, 'नीलेश के हत्यारों को फांसी दो' और 'पुलिस की लापरवाही बंद करो'। विरोध प्रदर्शन छह घंटे से अधिक चला। भाजपा विधायक संजय पाठक और जिला अध्यक्ष दीपक तंडन सोनी भी मौके पर पहुंचे। पाठक ने कहा, 'नीलेश की हत्या सिर्फ पार्किंग विवाद नहीं, बल्कि एक संदेश है। कुछ व्यापारी, पुलिसकर्मी और बाहरी लोग इसमें शामिल हैं।'
घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना पर अकरम खान (33 वर्ष) और प्रिंस जोसफ (30 वर्ष) की पहचान हो गई। दोनों कैमोर के ही निवासी हैं। अकरम मुस्लिम समुदाय से है, जबकि प्रिंस ईसाई समुदाय से। पुलिस ने कजर्वाड़ा क्षेत्र में घेराबंदी की। हाई-स्पीड चेज के दौरान पुलिस ने दोनों को घेर लिया। आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाई, तो जवाबी फायरिंग में दोनों के पैरों में गोली लगी। वे घायल हो गए और गिरफ्तार कर लिए गए। उनके कब्जे से एक पिस्टल और खाली कारतूस बरामद हुए। एएसपी संतोष देहरिया ने कहा, 'यह शॉर्ट एनकाउंटर था। आरोपी ने पहले गोली चलाई, इसलिए आत्मरक्षा में फायरिंग की गई।' दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हत्या के बाद का एक और दुखद मोड़ आया। अकरम खान के पिता ने आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, वे बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर सदमे में आ गए। उन्होंने घर में फांसी लगा ली। यह घटना परिवारों के लिए और दर्दनाक साबित हुई। कटनी एसपी ने कहा, 'हम संवेदना व्यक्त करते हैं। जांच में किसी भी लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।'
पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठे। कैमोर थाने के थानेदार अरविंद जैन और एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर जिला पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया। एसपी विश्वकर्मा ने कहा, 'नीलेश की हत्या से पहले भी अकरम ने धमकी दी थी। थाने में शिकायत दर्ज हुई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए निलंबन किया गया।' भाजपा ने इसे पुलिस की मिलीभगत बताया।
राजनीतिक विवाद की जड़ विधायक संजय पाठक के बयान में है। उन्होंने नीलेश के परिवार के हवाले से कहा, 'एक महीने पहले एक लड़की ने नीलेश को शिकायत की थी कि अकरम स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को छेड़ता है। नीलेश ने डीएवी स्कूल के पास अकरम को रोका और समझाया। अकरम ने धमकी दी कि सड़क पर गोली मार दूंगा। थाने में भी यही धमकी दोहराई। यह लव जिहाद का मामला था।' पाठक ने कहा, 'नीलेश ने समाज की रक्षा की, इसलिए उन्हें निशाना बनाया।' इस बयान से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। कांग्रेस ने इसे राजनीतिकरण बताया। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, 'हत्या दुखद है, लेकिन सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब न करें।' भाजपा ने पलटवार किया कि कांग्रेस कोलकाता रेप-मर्डर पर चुप है।
मध्य प्रदेश में लव जिहाद के आरोप अक्सर विवादास्पद होते हैं। राज्य सरकार ने 2020 में ऐसे मामलों के लिए सख्त कानून बनाया। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि पार्किंग जैसे छोटे विवाद हत्या तक पहुंच जाते हैं। कटनी में अपराध दर बढ़ रही है। 2024 में 20 से अधिक गोलीबाजी की घटनाएं हुईं। इस कांड ने पुलिस को सतर्क किया। डीआईजी ने विशेष जांच टीम गठित की। परिवार को 10 लाख रुपये सहायता देने का ऐलान हुआ।
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