दिल्ली विश्वविद्यालय सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रश्नपत्र मिलने में देरी से बड़ा उपद्रव, छात्रों ने घंटों इंतजार के बाद किया विरोध प्रदर्शन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सुबह के सत्र में कुल 800 प्रश्नपत्र डिस्पैच करने थे। लॉजिस्टिकल मुद्दों के कारण कुछ पेपर भेजे नहीं जा सके, जिससे कई केंद्रों पर परीक्षाएं आ
दिल्ली विश्वविद्यालय में चल रही सेमेस्टर अंतिम परीक्षाओं के दौरान शनिवार को कई परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंचने से भारी हंगामा हो गया। सुबह के सत्र में छात्र परीक्षा हॉल में बैठकर घंटों इंतजार करते रहे, जबकि कई जगहों पर परीक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। इस देरी से छात्रों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक नोटिस जारी कर बताया कि सुबह के सत्र के लिए लगभग 800 प्रश्नपत्र भेजे जाने थे, लेकिन कुछ लॉजिस्टिकल समस्याओं के कारण सभी प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंच सके। बाद में समस्या को सुधार लिया गया और प्रश्नपत्र भेज दिए गए। परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह तुतेजा ने छात्रों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। विश्वविद्यालय ने व्यवस्था संबंधी कमियों को स्वीकार करते हुए माफी मांगी और प्रभावित परीक्षाओं के लिए संशोधित समय सारिणी जारी करने का आश्वासन दिया। यह घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों पर हुई, जहां सेमेस्टर 7 के डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव कोर्सेस की परीक्षाएं निर्धारित थीं। प्रत्येक कॉलेज में 30 से 70 डिसिप्लिन स्पेसिफिक कोर्सेस की परीक्षाएं एक साथ हो रही थीं। प्रश्नपत्रों की देरी से परीक्षाएं तीन से चार घंटे विलंबित हो गईं। कुछ केंद्रों पर परीक्षाएं दोपहर तक शुरू नहीं हो सकीं, जबकि निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे था। देरी के कारण दोपहर के सत्र की परीक्षाओं पर भी असर पड़ा, क्योंकि एक ही कक्षाओं का उपयोग होना था। प्रश्नपत्रों की कमी से 35 से अधिक कोर्स प्रभावित हुए। कंप्यूटर साइंस विभाग में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग और कंपाइलर डिजाइन जैसे पेपर दोपहर 12:30 बजे तक नहीं पहुंचे। गणित और भौतिकी के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हुए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सुबह के सत्र में कुल 800 प्रश्नपत्र डिस्पैच करने थे। लॉजिस्टिकल मुद्दों के कारण कुछ पेपर भेजे नहीं जा सके, जिससे कई केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकीं। बाद में पेपर भेजकर परीक्षाएं कराई गईं, लेकिन कुछ मामलों में उन्हें रद्द करना पड़ा। छात्रों को परीक्षा हॉल में बैठाकर इंतजार कराया गया, जिससे तनाव बढ़ गया। कुछ छात्रों ने स्पष्टता न होने के कारण केंद्र छोड़ दिया, जबकि अन्य दोपहर तक रुके। प्रशासन ने छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट जांचने की सलाह दी। असुविधा के लिए गहरा खेद जताते हुए कहा गया कि संशोधित कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह तुतेजा द्वारा जारी नोटिफिकेशन में व्यवस्था की खामियों को मानते हुए माफी मांगी गई। प्रभावित कोर्सेस के लिए नई तिथियां घोषित करने का भरोसा दिया गया। सेमेस्टर परीक्षाएं 10 दिसंबर से शुरू हुई थीं, जो रेगुलर छात्रों और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्रों दोनों के लिए हैं। डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव पेपर सातवें सेमेस्टर के हैं, जो उन्नत स्तर के वैकल्पिक कोर्स होते हैं। देरी से हजारों छात्र प्रभावित हुए। दक्षिण कैंपस के एक कॉलेज में 30 से 70 कोर्सेस की परीक्षाएं थीं, लेकिन कई पेपर तीन घंटे बाद पहुंचे। घटना से परीक्षा प्रणाली की तैयारियों पर सवाल उठे। प्रत्येक केंद्र पर एक साथ कई कोर्सेस की परीक्षाएं होने से लोड बढ़ गया। प्रश्नपत्र डिस्पैच की प्रक्रिया में कमी आई। कुछ केंद्रों पर परीक्षाएं चार घंटे देर से शुरू हुईं। छात्र हॉल में बैठे रहे, लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। बाद में पेपर पहुंचने पर परीक्षाएं कराई गईं। विश्वविद्यालय ने सभी प्रभावित परीक्षाओं की नई तिथियां जल्द जारी करने का वादा किया। छात्रों को वेबसाइट चेक करने को कहा गया।
देरी के मुख्य कारण लॉजिस्टिकल थे, जैसे पेपर प्रिंटिंग, पैकिंग और ट्रांसपोर्ट में दिक्कत। 800 पेपरों में से कई नहीं पहुंच सके। कंप्यूटर साइंस, गणित, भौतिकी जैसे विषयों के पेपर सबसे अधिक विलंबित रहे। मिरांडा हाउस और लेडी श्री राम कॉलेज जैसे केंद्रों पर छात्रों ने इंतजार किया। कुछ ने परीक्षा रद्द मानकर चले गए। प्रशासन ने बाद में पेपर भेजे। परीक्षा नियंत्रक ने खेद जताया और संशोधित शेड्यूल का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं दिसंबर में चल रही हैं। शनिवार का सत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ। सुबहे 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षाएं दोपहर में हुईं। दो घंटे की परीक्षा होने से समय कम हो गया। छात्रों का तनाव बढ़ा। प्रशासन ने माना कि कुछ पेपर डिस्पैच नहीं हो सके। बाद में सुधार कर पेपर भेजे गए। प्रभावित केंद्रों पर परीक्षाएं बाद में कराई गईं। गुरप्रीत सिंह तुतेजा ने नोटिस में असुविधा के लिए माफी मांगी।
What's Your Reaction?









