लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वांछित शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया गया, राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में सफलता

आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पर रंगदारी के अलावा अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई का भी आरोप है। पुलिस जांच में पता चला कि मार्च 2025 में श्रीगंगानगर के जवाहर नगर इलाके

By INA News Desk
Jan 18, 2026 - 13:07
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वांछित शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया गया, राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में सफलता
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वांछित शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया गया, राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में सफलता
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  • दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से 23 वर्षीय प्रदीप गोलू को पकड़ा गया, रंगदारी और फायरिंग के मामलों में वांछित था
  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू की गिरफ्तारी, अवैध हथियार सप्लाई और गोलीबारी के आरोपों में शामिल पाया गया

दिल्ली पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक वांछित शूटर को बड़ी सफलता के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 23 वर्षीय प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू के रूप में हुई है, जो आगरा का निवासी है। यह गिरफ्तारी दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से 16 जनवरी 2026 को दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से हुई। आरोपी दो गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था, जिसमें रंगदारी मांगना और फायरिंग शामिल है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड को पुख्ता सूचना मिली कि प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू उत्तम नगर इलाके में छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर 16 जनवरी 2026 को राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर विशेष टीम ने छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था और राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में दर्ज दो गंभीर मामलों में वांछित था। इन मामलों में एक व्यवसायी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जब रकम नहीं मिली तो मई 2025 में व्यवसायी के आवास पर गोलीबारी करने का आरोप है। यह गोलीबारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर की गई थी। गिरफ्तारी के बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया है ताकि आगे की जांच और उसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पर रंगदारी के अलावा अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई का भी आरोप है। पुलिस जांच में पता चला कि मार्च 2025 में श्रीगंगानगर के जवाहर नगर इलाके में एक व्यवसायी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जब व्यवसायी ने इनकार किया तो गैंग ने प्रदीप गोलू को गोलीबारी का काम सौंपा। इस घटना में जवाहर नगर पुलिस स्टेशन में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। उस समय प्रदीप और उसके साथियों को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद आरोपी ने फिर से अपराधी गतिविधियां शुरू कर दीं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराने लगा। यह गिरफ्तारी गैंग की सप्लाई चेन पर पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा है।

पुलिस ने बताया कि प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय शूटर था और राजस्थान क्षेत्र में गैंग के ऑपरेशन संभाल रहा था। उसकी भूमिका फायरिंग करने के अलावा अवैध हथियारों की सप्लाई तक फैली हुई थी। हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा बरामद की गई बड़ी मात्रा में हथियारों का स्रोत भी प्रदीप गोलू ही था। गिरफ्तारी से गैंग के हथियार नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से संगठित अपराध पर शिकंजा कसने में मदद मिली है। आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए राजस्थान ले जाया गया है जहां उसके व्यापक नेटवर्क और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ाव की जांच की जा रही है।

यह गिरफ्तारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। गैंग के सदस्य विभिन्न राज्यों में रंगदारी, गोलीबारी और हथियार सप्लाई जैसे अपराधों में शामिल रहे हैं। प्रदीप गोलू की गिरफ्तारी से फायरिंग मामलों की जांच को गति मिलेगी और गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में सहायता मिलेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसके पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएगा। गिरफ्तारी 17-18 जनवरी 2026 को मीडिया में प्रमुखता से आई और इसे संगठित अपराध पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस जांच में यह सामने आया कि प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू जमानत पर रिहा होने के बाद भी अपनी अपराधी गतिविधियां जारी रखे हुए था। वह दिल्ली के उत्तम नगर में छिपकर रह रहा था और गैंग के लिए हथियारों की व्यवस्था कर रहा था। संयुक्त ऑपरेशन में दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना पर त्वरित कार्रवाई की और राजस्थान पुलिस के सहयोग से आरोपी को दबोच लिया। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में बीएनएस की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई गैंग के सदस्यों पर दबाव बढ़ाने वाली है। प्रदीप गोलू की गिरफ्तारी से गैंग के राजस्थान और दिल्ली में चल रहे ऑपरेशन प्रभावित होंगे। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे। यह घटना संगठित अपराध के खिलाफ बहु-राज्यीय सहयोग की मिसाल है।

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