Viral News: कोरबा में बीजेपी नेत्री की सड़क पर गुंडागर्दी, आदिवासी किसान की पिटाई, 4 हजार रुपये वसूले। 

त्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की...

Jun 9, 2025 - 15:13
Jun 9, 2025 - 15:23
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Viral News: कोरबा में बीजेपी नेत्री की सड़क पर गुंडागर्दी, आदिवासी किसान की पिटाई, 4 हजार रुपये वसूले। 

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेत्री और पूर्व नगर पालिका सदस्य ज्योति महंत ने एक आदिवासी किसान बलवंत सिंह कंवर की बीच सड़क पर पिटाई की। यह विवाद तब शुरू हुआ जब किसान ने कथित तौर पर ज्योति महंत की गाड़ी को साइड देने में देरी की। इसके बाद, नेत्री और उनके साथियों ने किसान को न केवल सड़क पर मारा, बल्कि उसे थाने ले जाकर भी मारपीट की और 4 हजार रुपये वसूलने का आरोप है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय विधायक फूलसिंह राठिया ने कोरबा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

शनिवार की दोपहर, कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के रावणभांठा मैदान के पास ग्राम बरेडीमुड़ा निवासी आदिवासी किसान बलवंत सिंह कंवर अपने बैल के साथ सड़क से गुजर रहे थे। वह अपने मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे, तभी बीजेपी नेत्री ज्योति महंत अपनी कार से वहां से गुजरीं। बलवंत सिंह ने बताया कि वह फोन पर बातचीत के दौरान गाली दे रहे थे, जिसे ज्योति महंत ने अपने ऊपर ले लिया। गुस्से में आकर ज्योति ने अपनी कार रोकी और बलवंत का कॉलर पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में दिखाई देता है कि ज्योति ने बलवंत को थप्पड़ और लातों से मारा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े।

इसके बाद, ज्योति महंत और उनके साथ आए कुछ युवकों ने बलवंत को जबरन बांकी मोंगरा थाने ले जाया। थाने के मुख्य द्वार पर भी ज्योति ने बलवंत की पिटाई जारी रखी। वायरल वीडियो में ज्योति को यह कहते सुना गया, “मर भी जाएगा तो मुझे फर्क नहीं पड़ता,” साथ ही वह अश्लील गालियां भी दे रही थीं। थाने के सामने मौजूद पुलिसकर्मी इस दौरान मूकदर्शक बने रहे, और किसी ने मारपीट रोकने की कोशिश नहीं की। बलवंत ने बाद में बताया कि उसे थाने में रिहा करने के लिए 3-4 हजार रुपये देने पड़े, जिसके बाद उसे छोड़ा गया।

  • किसान का बयान

बलवंत सिंह कंवर ने वायरल वीडियो में अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा, “मैं थोड़ा शराब के नशे में था और फोन पर किसी से बात कर रहा था। बातचीत के दौरान मैंने गाली दी, जो ज्योति मैडम ने अपने ऊपर ले लिया। मुझे लगा कि उनकी गाड़ी साइड से निकल जाएगी, लेकिन वह रुक गईं और मुझ पर भड़क गईं। पहले सड़क पर मारा, फिर थाने ले जाकर भी पिटाई की। थाने में 3-4 हजार रुपये देकर मैं छूटा।” बलवंत ने यह भी कहा कि उनके साथ जबरन मारपीट की गई, और वह इस घटना से आहत हैं।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कोरबा पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखता है कि थाने के सामने ज्योति महंत और उनके साथी बलवंत की पिटाई कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने रविवार को कहा कि मामले की जांच की जा रही है, और उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ज्योति महंत या उनके साथियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि थाने में बलवंत से पैसे वसूलने की शिकायत की जांच कैसे की जाएगी।

  • विधायक की शिकायत

रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, जो स्वयं बीजेपी से हैं, ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कोरबा पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखकर ज्योति महंत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। पत्र में उन्होंने लिखा, “कोरबा जिला एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। बीजेपी नेत्री ज्योति महंत ने अपने साथियों के साथ बांकी मोंगरा थाना परिसर में आदिवासी किसान बलवंत सिंह कंवर के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट, और जान से मारने की धमकी दी। यह घटना थाना परिसर में हुई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैं इस घटना से आहत हूं।” राठिया ने यह भी आरोप लगाया कि ज्योति महंत को न शासन का डर है और न ही प्रशासन का, जिसके कारण वह इस तरह की गुंडागर्दी कर रही हैं।

  • ज्योति महंत का पक्ष

खबर लिखे जाने तक ज्योति महंत की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उनके समर्थकों में से कुछ ने दावा किया कि बलवंत ने ज्योति को गाली दी थी, जिसके कारण विवाद बढ़ा। हालांकि, वीडियो में ज्योति की ओर से की गई मारपीट और गाली-गलौज साफ दिखाई दे रही है। ज्योति महंत कोरबा में बीजेपी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और पूर्व में नगर पालिका की सदस्य भी रह चुकी हैं। उनकी इस कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाया है, खासकर आदिवासी समुदाय के बीच।

कोरबा जिला छत्तीसगढ़ का एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मैतैई और आदिवासी समुदायों की मिश्रित आबादी रहती है। यह क्षेत्र कोयला खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक तनाव भी समय-समय पर सामने आते हैं। बीजेपी ने हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है, और ज्योति महंत जैसे स्थानीय नेता पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। हालांकि, इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर जब आदिवासी समुदाय के साथ मारपीट का मामला हो।

इस घटना से पहले भी कोरबा में बीजेपी नेताओं के विवादास्पद व्यवहार की खबरें सामने आ चुकी हैं। अगस्त 2024 में, बीजेपी मंडल महामंत्री मनीष कुमार मिश्रा ने कोसाबाड़ी के एक निजी अस्पताल में फीस को लेकर स्टाफ के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इस तरह की घटनाएं स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती हैं।

घटना के तीन अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। पहले वीडियो में ज्योति महंत रावणभांठा मैदान के पास बलवंत को पीटते हुए दिख रही हैं। दूसरा वीडियो थाने के मुख्य द्वार पर लिया गया, जहां ज्योति और उनके साथी बलवंत को थप्पड़ और लात मार रहे हैं। तीसरे वीडियो में बलवंत अपनी आपबीती बता रहे हैं, जिसमें उन्होंने शराब के नशे में होने और पैसे देने की बात स्वीकारी। इन वीडियोज ने कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

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मणिपुर में हाल की हिंसा और अरामबाई तेंगगोल जैसे संगठनों के साथ तनाव को देखते हुए, छत्तीसगढ़ प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। कोरबा पुलिस ने कहा कि वे वायरल वीडियो और बलवंत की शिकायत के आधार पर जांच कर रहे हैं। हालांकि, थाने के सामने पुलिस की निष्क्रियता ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा की है। रामपुर विधायक के पत्र के बाद, पुलिस पर दबाव बढ़ गया है कि वह ज्योति महंत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे और उचित कार्रवाई करे।

घटना के बाद, बांकी मोंगरा और आसपास के क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों ने इस घटना को उनकी अस्मिता पर हमला बताया है। रविवार को, बरेडीमुड़ा और आसपास के गांवों में लोग इस मुद्दे पर चर्चा करते देखे गए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

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