Trending: मणिपुर में अरामबाई तेंगगोल नेता की गिरफ्तारी के बाद हिंसा, पांच जिलों में कर्फ्यू, इंटरनेट बंद।
मणिपुर की राजधानी इंफाल में शनिवार रात मैतैई संगठन 'अरामबाई तेंगगोल' के प्रमुख नेता कनन सिंह और चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद हिंसक ...
इंफाल: मणिपुर की राजधानी इंफाल में शनिवार रात मैतैई संगठन 'अरामबाई तेंगगोल' के प्रमुख नेता कनन सिंह और चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। इसके जवाब में, राज्य प्रशासन ने इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, और ककचिंग जिलों में तत्काल प्रभाव से पांच दिनों के लिए इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं निलंबित कर दीं। यह कदम शनिवार रात 11:45 बजे से लागू किया गया ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को रोका जा सके। साथ ही, बिष्णुपुर जिले में पूर्ण कर्फ्यू और अन्य चार जिलों में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मणिपुर, जो मई 2023 से मैतैई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय हिंसा से जूझ रहा है, में यह ताजा घटना तनाव को और गहरा रही है।
शनिवार रात, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंफाल हवाई अड्डे पर अरामबाई तेंगगोल के प्रमुख नेता कनन सिंह को गिरफ्तार किया। सीबीआई के अनुसार, सिंह 2023 में मणिपुर हिंसा से संबंधित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। उनके साथ चार अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया, जिन्हें मणिपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। कनन सिंह, जो पहले मणिपुर पुलिस के कमांडो यूनिट में हेड कांस्टेबल थे, को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अरामबाई तेंगगोल में सक्रिय भूमिका निभाई। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इंफाल में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए।
प्रदर्शनकारियों, जिनमें ज्यादातर अरामबाई तेंगगोल के युवा सदस्य थे, ने इंफाल वेस्ट के उरीपोक, कोइरेंगेई, और इंफाल ईस्ट के खुरई लमलॉन्ग जैसे क्षेत्रों में सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने टायर, लकड़ी के तख्ते, और अन्य सामग्री जलाकर सड़कें जाम कीं। खुरई लमलॉन्ग में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय बलों को ले जाने वाली एक बस में आग लगा दी, जिसके अवशेष रविवार सुबह तक सड़क पर दिखाई दिए। इंफाल हवाई अड्डे के तुलिहाल गेट को भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया, यह आशंका जताते हुए कि कनन सिंह को राज्य से बाहर ले जाया जा सकता है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी दी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, हालांकि उनकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
- प्रशासन की प्रतिक्रिया
हिंसा को नियंत्रित करने के लिए मणिपुर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। गृह आयुक्त-सह-सचिव एन. अशोक कुमार ने शनिवार देर रात एक आदेश जारी कर इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, ककचिंग, और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं, जिसमें वीएसएटी और वीपीएन सेवाएं शामिल हैं, को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया, “इन जिलों में प्रचलित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, यह आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का उपयोग छवियों, घृणा भाषण, और भड़काऊ वीडियो संदेशों के प्रसारण के लिए कर सकते हैं, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।” आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इसके अलावा, बिष्णुपुर जिले में शनिवार रात 11 बजे से पूर्ण कर्फ्यू लागू कर दिया गया। इंफाल ईस्ट में रात 10 बजे से लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जबकि इंफाल वेस्ट, थौबल, और ककचिंग में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई। यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू किए गए। इंफाल में पैलेस कम्पाउंड, केइशमपट ब्रिज, मोइरंगखोम, और तिद्दिम रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। खुरई लमलॉन्ग में लगभग 50 गोलियां चलने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये गोलियां सुरक्षा बलों या प्रदर्शनकारियों ने चलाईं।
- कनन सिंह और अरामबाई तेंगगोल
कनन सिंह, जिन्हें अरामबाई तेंगगोल के परिचालन समूह का मुख्य कमांडर माना जाता है, को सीबीआई ने इंफाल हवाई अड्डे पर रविवार को गिरफ्तार किया और गुवाहाटी ले जाया गया। सीबीआई ने अपने बयान में कहा कि सिंह 2023 की मणिपुर हिंसा से संबंधित “विभिन्न आपराधिक गतिविधियों” में शामिल थे। मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई को गुवाहाटी स्थानांतरित कर दिया गया है, और सिंह को वहां एक सक्षम अदालत में पुलिस रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। उनके परिवार को उनकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है।
अरामबाई तेंगगोल एक विवादास्पद मैतैई संगठन है, जो मई 2023 में मैतैई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद चर्चा में आया। इस संगठन पर कुकी गांवों पर हमले करने का आरोप है, जिसे कुकी जनजातियों ने बार-बार उठाया है। संगठन ने मणिपुर की राजधानी इंफाल में खुले तौर पर संचालन किया है और कथित तौर पर राज्य के शीर्ष राजनीतिक हस्तियों, जैसे राज्यपाल अजय भल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, से मुलाकात की है। विश्लेषकों ने इस संगठन को पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी ताकतों के एक नए मॉडल के रूप में देखा है, जो अपनी विचारधारा, संगठन, और रणनीतिक आक्रामकता के लिए जाना जाता है।
मणिपुर में मई 2023 से मैतैई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही है, जिसका प्रारंभ ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन (एटीएसयू) द्वारा मैतैई समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में आयोजित एक रैली के बाद हुआ। इस हिंसा में अब तक लगभग 200 लोग मारे गए हैं और 50,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। फरवरी 2025 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। अरामबाई तेंगगोल की गिरफ्तारी ने इस संघर्ष को और जटिल बना दिया है, क्योंकि संगठन ने गिरफ्तारियों के विरोध में रविवार से 10 दिनों के लिए पूर्ण बंद का आह्वान किया है।
हिंसा को देखते हुए, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी), और कांग्रेस के विधायकों ने शनिवार को इंफाल में एक बैठक की और राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात कर गिरफ्तार अरामबाई तेंगगोल सदस्यों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि स्थिति को सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारियों के कारणों का खुलासा नहीं किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
इंफाल हवाई अड्डे के आसपास प्रदर्शनकारियों ने रविवार को भी सड़कों को अवरुद्ध रखा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कीं। रविवार सुबह तक, इंफाल और आसपास के घाटी क्षेत्रों में सड़कें सुनसान थीं, और दुकानें बंद रहीं।
मणिपुर प्रशासन ने इंटरनेट निलंबन को 2017 के टेलीकॉम सर्विसेज (पब्लिक इमरजेंसी या पब्लिक सेफ्टी) नियमों के तहत लागू किया। यह आदेश उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होता जिन्हें राज्य सरकार ने छूट दी है। इंफाल ईस्ट और बिष्णुपुर में रात 10 बजे से लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक है, जबकि अन्य जिलों में सभा पर प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस ने कहा कि सभी निवारक उपाय किए जा रहे हैं, और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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