Lucknow : योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियो

By INA News Desk
Jan 9, 2026 - 23:41
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Lucknow : योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा
Lucknow : योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

  • निवेश का नया अध्याय लिख रहा उत्तर प्रदेश, और तेज हुई औद्योगिक रफ्तार
  • प्रदेश सरकार के प्रयासों से यूपी में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं, बल्कि प्लांट और प्रोडक्शन में बदल रहा
  • उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत और विनियामक सुधारों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी का ताजा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट। यह प्लांट न केवल औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।

अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियोजना का धरातल पर आ जाना इस बात का प्रमाण है कि अब निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि तेजी से प्लांट, उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है। इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा।

राज्य में निवेश की यह सफलता किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आशय पत्र प्राप्त हुए। कुल मिलाकर पौने 9 वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिसे चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हुई है।  

अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की 16,000 से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। इनमें से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं करीब 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। यही नहीं, योगी सरकार जीबीसी 5 के माध्यम से फिर 6 लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने जा रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में उद्योग और रोजगार में बदल रहा है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इस प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 में विनिर्माण का सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 दर्ज किया गया। यह बताता है कि प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इस पूरी यात्रा का मजबूत प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। तेज अनुमतियां, सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योग-अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

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