Lucknow News: नाबालिग को शराब बेचने के मामले में आबकारी विभाग का कड़ा एक्शन, सेल्समैन सेवा से बर्खास्त और ठेके पर 30 हजार का जुर्माना
लखनऊ के विकासनगर में नाबालिग को शराब बेचने का वीडियो सामने आने पर आबकारी विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। सेल्समैन को बर्खास्त कर संबंधित दुकान पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया।
- लखनऊ के विकासनगर में शराब दुकान पर कार्रवाई: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही हटा सेल्समैन, आबकारी मंत्री ने दी चेतावनी
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- लखनऊ शराब ठेका विवाद: नाबालिग को मदिरा देने की शिकायत पर कंपोजिट शॉप पर 30,000 का अर्थदंड, जांच के बाद सेल्समैन बाहर
उत्तर प्रदेश में युवाओं और कम उम्र के किशोरों को मादक पदार्थों व नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखने के लिए राज्य सरकार ने नियमों के क्रियान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजधानी लखनऊ में एक नाबालिग को शराब बेचे जाने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद आबकारी विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दंडात्मक कार्रवाई की है। विभागीय जांच में आरोप की पुष्टि होने पर संबंधित मदिरा दुकान के सेल्समैन को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है, जबकि दुकान संचालक के विरुद्ध प्रशमन कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आबकारी विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था, जिसमें एक नागरिक और शराब दुकान के विक्रेता के बीच तीखी बहस हो रही थी। नागरिक का आरोप था कि दुकान से कम उम्र के बच्चे को मदिरा की बिक्री की गई है। जैसे ही यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, शासन स्तर से बिना किसी देरी के जांच कर कठोर कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए।
विकासनगर क्षेत्र के शुभौली की घटना, 11 सितंबर को हुई जांच
जिला आबकारी अधिकारी लखनऊ के स्तर से गठित टीम ने 11 सितंबर को वायरल वीडियो की तथ्यात्मक जांच की। पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि यह घटना विकासनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शुभौली स्थित एक कंपोजिट मदिरा दुकान की है। वीडियो में दिख रहे स्थान, दुकान और विक्रेता की पहचान सुनिश्चित करने के बाद आबकारी निरीक्षकों ने मौके पर जाकर रिकॉर्ड और स्थिति का मुआयना किया।
जांच अधिकारियों ने पाया कि काउंटर पर तैनात सेल्समैन का आचरण आबकारी नियमों और सेवा शर्तों के विपरीत था। कम उम्र के व्यक्तियों को मादक पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद विक्रेता ने नियमों की अनदेखी की और टोकने वाले नागरिक के साथ अशोभनीय व्यवहार किया। जांच रिपोर्ट मिलने के तत्काल बाद अनुज्ञापी (लाइसेंसी) को निर्देशित कर आरोपी विक्रेता को कार्यमुक्त कराया गया और दुकान पर नियमानुसार 30,000 रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया।
नाबालिगों को मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कानून
उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब, बीयर या अन्य किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बेचना संज्ञेय और गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। नियमों के तहत प्रत्येक लाइसेंसी दुकान के बाहर यह वैधानिक चेतावनी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य है कि नाबालिगों को मदिरा की बिक्री कानूनन अपराध है।
यदि किसी प्रतिष्ठान पर इस नियम की अनदेखी पाई जाती है, तो लाइसेंस निरस्तीकरण, भारी अर्थदंड और आपराधिक मुकदमा दर्ज किए जाने का स्पष्ट प्रावधान है। विभाग का कहना है कि व्यावसायिक मुनाफे के चक्कर में नियमों का उल्लंघन करने वाले अनुज्ञापियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
आबकारी मंत्री का कड़ा संदेश, लगातार निगरानी के निर्देश
इस कार्रवाई के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को फील्ड में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जनपदों के जिला आबकारी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित देशी, विदेशी मदिरा, बीयर और मॉडल शॉप्स पर औचक निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
विभागीय समीक्षा के दौरान यह रेखांकित किया गया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य में कानून का राज और जनस्वास्थ्य से जुड़े नियमों की पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। विभाग का दावा है कि नीतिगत सुधारों और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के कारण पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय से प्रदेश में जहरीली या अवैध शराब से जुड़ी किसी बड़ी अप्रिय घटना पर पूरी तरह अंकुश लगा है। ऐसे में रिटेल काउंटरों पर नियमों का पालन कराकर इस छवि को बनाए रखना फील्ड अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है।
जागरूक नागरिकों की भूमिका और डिजिटल निगरानी
लखनऊ की इस घटना ने यह भी साबित किया है कि प्रशासनिक पारदर्शिता में सजग नागरिकों और डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब किसी जागरूक नागरिक ने मौके पर नियमों के उल्लंघन का वीडियो बनाकर सार्वजनिक मंच पर रखा, तो तंत्र ने तुरंत गति पकड़ी। विभाग ने अपील की है कि यदि किसी भी इलाके में निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन, एमआरपी से अधिक वसूली या कम उम्र के बच्चों को नशीले पदार्थों की बिक्री जैसी गतिविधियां नजर आएं, तो नागरिक तत्काल विभागीय टोल-फ्री नंबर या नजदीकी आबकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विभाग का कहना है कि जुर्माना लगाने के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक को भी हिदायत दी गई है कि वे अपने इलाके की दुकानों का नियमित रोस्टर बनाकर औचक निरीक्षण करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।
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