UP Medicine Raid: लखनऊ और गोंडा में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर छापा, करोड़ों की औषधियां सीज, एफआईआर दर्ज
UP Medicine Raid: एफएसडीए और लखनऊ पुलिस ने नकली दवाओं के अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। लखनऊ और गोंडा से करोड़ों की दवाएं जब्त की गई हैं।
उत्तर प्रदेश में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए लखनऊ और गोंडा में भारी मात्रा में संदिग्ध एलोपैथिक व नारकोटिक्स दवाएं बरामद की हैं।
इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने बिना लाइसेंस के चल रहे अवैध गोदामों को सील कर दिया है और पकड़े गए माल की कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे मामले में संलिप्त मुख्य सरगनाओं समेत कई लोगों के खिलाफ लखनऊ के अमीनाबाद थाने में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली थी कि लखनऊ के प्रसिद्ध बाजार अमीनाबाद के एक ठिकाने पर बड़े पैमाने पर बिना कागजात के दवाओं को छिपाकर रखा गया है। मुख्यालय द्वारा गठित विभिन्न जिलों के औषधि निरीक्षकों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जब इस अवैध गोदाम पर छापा मारा, तो वहां नामी कंपनियों के ब्रांड नाम से मिलती-जुलती भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं मिलीं।
जांच के दौरान इन दवाओं के पैकेट पर छपे नामों में अक्षरों की गंभीर गलतियां पाई गईं, जिससे इनके पूरी तरह नकली होने का अंदेशा हुआ। मौके पर मौजूद व्यक्ति रंजीत सिंह जुल्का दवाओं की खरीद-बिक्री के कोई भी वैध बिल या औषधि लाइसेंस नहीं दिखा सका। पूछताछ में पता चला कि यह माल अलग-अलग लोगों से बिना बिल के बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर ऊंचे दामों में खपाया जा रहा था।
टीम ने इस गोदाम से 27 संदिग्ध दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेज दिए हैं और करीब 21 लाख रुपये मूल्य का सामान सील कर दिया है। इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हुए मिले हैं। लखनऊ के ही बक्शी का तालाब क्षेत्र में राज विक्रम सिंह के एक अन्य अवैध गोदाम से करीब 3 लाख रुपये की दवाएं सील की गईं। वहीं, गोंडा में अमन कसौधन और उसके साथियों के ठिकानों पर की गई बड़ी छापेमारी में करीब 1.3 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध नारकोटिक और अन्य दवाएं हाथ लगी हैं, जहां से 19 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पूरी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस संगठित गिरोह के मुख्य सूत्रधार राजस्थान के रहने वाले भूपेंद्र शर्मा और गुज्जर नामक व्यक्ति हैं, जो वहां अवैध रूप से इन नकली दवाओं को तैयार कराकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत राजस्थान के मुख्य आरोपियों समेत लखनऊ, गोंडा, सीतापुर, इलाहाबाद और वाराणसी के अन्य सहयोगियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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