Meerut Agri Business in UPITS: पॉलीहाउस की शिमला मिर्च से शहद तक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में चमका मेरठ का कृषि कारोबार
ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस शिमला मिर्च, जरबेरा फूल और शहद के उत्पादों को विदेशी खरीदारों और बड़ी कंपनियों से बड़े ऑर्डर मिले हैं।
पारंपरिक खेती की सीमाओं को लांघकर आधुनिक कृषि तकनीक और व्यावसायिक उद्यमिता को अपनाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का कौशल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026' में मेरठ जनपद की उन्नत बागवानी, संरक्षित खेती (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन) और कृषि-आधारित उत्पादों ने देश-विदेश से आए खरीदारों और व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों का ध्यान मजबूती से खींचा है। राज्य सरकार के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेष आउटलेट पर सजे मेरठ के पॉलीहाउस उत्पादों, रंग-बिरंगी शिमला मिर्च, विदेशी किस्म के फूलों और प्राकृतिक शहद को देखने और व्यावसायिक अनुबंध करने के लिए आगंतुकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
प्रदर्शनी में केवल फसलों का प्रदर्शन भर नहीं हो रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादकों को सीधे बहुराष्ट्रीय कंपनियों, निर्यातकों और राष्ट्रीय खुदरा शृंखलाओं से सीधे जुड़ने का एक बड़ा बाजार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से संरक्षित वातावरण में तैयार जरबेरा और डच गुलाब के ताजे फूलों के साथ-साथ भारी वजन वाली पीली व लाल शिमला मिर्च, कमल ककड़ी (लोटस स्टेम) और उन्नत बैंगन की किस्मों ने कॉर्पोरेट खरीदारों को खासा प्रभावित किया है।
सरधना के किसान का ₹29 लाख का सालाना टर्नओवर
मेरठ के सरधना तहसील स्थित खेड़ा गांव के प्रगतिशील किसान रविन्द्र कुमार इस प्रदर्शनी में कृषि नवाचार की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति से पॉलीहाउस बनाकर मौसमी व गैर-मौसमी सब्जियों और व्यावसायिक फूलों की खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाते हुए उन्होंने पारंपरिक गेहूं-गन्ने की खेती से हटकर इस आधुनिक संरक्षित खेती को अपनाया।
रविन्द्र कुमार के अनुसार, आधुनिक सिंचाई और तापमान नियंत्रण तकनीकों के उपयोग से उनकी लागत घटी है और गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिसके चलते उनका कृषि कारोबार अब सालाना 29 लाख रुपये से अधिक के आंकड़े को पार कर चुका है। उनके पॉलीहाउस में वर्तमान में 300 से 400 ग्राम प्रति नग तक वजन वाली उच्च गुणवत्ता की पीली, लाल और हरी शिमला मिर्च पैदा हो रही है। इस प्रीमियम ग्रेड शिमला मिर्च की देश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी दिल्ली की आजादपुर मंडी में भारी मांग है, जहां उन्हें सामान्य बाजार की तुलना में दोगुने से अधिक दाम प्राप्त होते हैं।
इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों से एमओयू के प्रस्ताव
रविन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लिया था, जहां से उन्हें सीधे दिल्ली-एनसीआर के बड़े थोक विक्रेताओं के संपर्क सूत्र मिले थे। इस वर्ष उनके स्टॉल पर दिल्ली, मुंबई और नोएडा की कई प्रमुख इवेंट मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं। इन कंपनियों ने शादियों, कॉर्पोरेट आयोजनों और लक्जरी होटलों की सजावट के लिए उनके फार्म से नियमित रूप से जरबेरा और गुलाब के फूलों की सीधी आपूर्ति करने में गहरी रुचि दिखाई है।
कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने बिचौलियों को हटाकर सीधे किसान के खेत से फूल खरीदने के लिए औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन करने का न्योता दिया है। किसान का कहना है कि सरकार द्वारा प्रायोजित यह ट्रेड शो छोटे और मझोले किसानों को कॉर्पोरेट जगत से सीधे जोड़कर उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने का सबसे सशक्त जरिया बन चुका है।
विदेशी बाजारों में मेरठ के शहद की भारी मांग
उद्यान विभाग के इस आउटलेट पर फसलों के साथ-साथ मेरठ के युवा कृषि उद्यमियों द्वारा स्थापित 'रेनट्रॉव नैचुरल' (Raintraw Natural) के शहद उत्पादों की भी धूम रही। युवा उद्यमी भाई-बहन की जोड़ी राखी अघेरा और भारत अघेरा ने ट्रेड शो में बताया कि वे स्थानीय मधुमक्खी पालकों से सीधे प्राकृतिक शहद एकत्र कर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उसका प्रसंस्करण और बॉटलिंग करते हैं।
उन्होंने साझा किया कि पिछले वर्ष उनकी फर्म को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से 46 टन प्राकृतिक शहद निर्यात करने का बड़ा विदेशी ऑर्डर मिला था, जिसकी सफल आपूर्ति की जा चुकी है। इस बार ट्रेड शो में वियतनाम, बेलारूस और मध्य पूर्व के विदेशी खरीदारों ने उनके स्टॉल का दौरा किया है और यूरोपीय व एशियाई बाजारों के लिए नए बल्क एक्सपोर्ट ऑर्डर्स पर बातचीत अग्रिम दौर में पहुंच चुकी है।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया स्टॉल का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी ट्रेड शो के दौरान उद्यान विभाग के आउटलेट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मेरठ के किसानों द्वारा पॉलीहाउस में उगाई गई फसलों और शहद उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की और प्रगतिशील किसानों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य के अन्य जनपदों के किसानों को भी इस सफल क्लस्टर मॉडल का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करें।
आउटलेट प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि खेती अब केवल जीवन-यापन का साधन नहीं, बल्कि एक उच्च-लाभकारी व्यावसायिक उपक्रम में बदल रही है। जब किसानों को आधुनिक पॉलीहाउस संरचना, उन्नत बीज और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच मिलते हैं, तो गांव की मिट्टी से निकला उत्पाद भी वैश्विक बाजारों में मजबूती से अपनी धाक जमा सकता है।
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