Hardoi: मानसिक स्वास्थ्य, बौद्धिक अक्षमता और नशामुक्ति: अपने अधिकार जानें, जीवन बचाएं'। 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

Jan 19, 2026 - 19:09
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Hardoi: मानसिक स्वास्थ्य, बौद्धिक अक्षमता और नशामुक्ति: अपने अधिकार जानें, जीवन बचाएं'। 
मानसिक स्वास्थ्य, बौद्धिक अक्षमता और नशामुक्ति: अपने अधिकार जानें, जीवन बचाएं'। 

Hardoi: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई, के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक ,सचिव/अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप के आदेशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति बिलग्राम सचिव/तहसीलदार यशवंत सिंह जी के निर्देशानुसार तहसील प्रशासनिक अधिकारी साधना सिंह व डाॅ. देवेंद्र भारती जेके संयुक्त अध्यक्षता में मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व उनसे बचाव के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम तहसील बिलग्राम जनपद हरदोई में किया गया l 

जिसमें लीगल एड क्लीनिक आशीष तिवारी के द्वारा बताया गया की  मानसिक एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया गया कि मानसिक एवं शारीरिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्ति को भी  समाज में समान रूप से रहने का अधिकार है और ऐसे व्यक्तियों से हमें कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। 

तहसील प्रशासनिक अधिकारी साधना सिंह के द्वारा जानकारी दी गई कि मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों में गरिमा के साथ जीने, समुदाय में रहने, बिना किसी भेदभाव के समान अवसर, मुफ़्त कानूनी सहायता और उचित स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार शामिल है। ये अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, और 39A के साथ-साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) में भी निहित हैं। मानसिक रोग या बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्ति केवल विशिष्ट अक्षमताओं के कारण गैर-व्यक्ति नहीं बन जाते। वे भी समाज के पूर्ण सदस्य हैं और उन्हें वे सभी मानवीय अधिकार प्राप्त हैं और नशीली दवाओं का दुरुपयोग, मनोरंजक दवाओं, शराब और तंबाकू जैसे पदार्थों का अनुचित या अत्यधिक उपयोग है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसका आकलन अक्सर विभिन्न तरीकों से किया जाता है।

पी,एल,वी, रूबी देवी के द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा चलाई जा रही नि:शुल्क विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 के बारे मे जानकारी दी गई। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में आशा और अन्य महिलाएं व पुरुष अधिक संख्या में उपस्थित रहे l

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