Lucknow: मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायकों और लेखाकारों का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का

By INA News Desk
Aug 11, 2026 - 19:47
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Lucknow: मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायकों और लेखाकारों का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न
मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायकों और लेखाकारों का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अत्यधिक दक्ष और सक्षम बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राज्य ग्रामीण विकास संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायक एवं लेखाकार का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्राम विकास संस्थान बक्शी का तालाब में सोमवार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण श्री अरुण कुमार, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निर्देशन में आयोजित किया गया था।

समापन अवसर पर श्री देवेंद्र कुमार ओझा, संयुक्त मिशन निदेशक ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य संकुल स्तरीय संघ के कैडर को तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे गांव स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी हो सके।
       समापन सत्र में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के प्राचार्य श्री अनुज कुमार श्रीवास्तव, डॉ नन्दकिशोर साह, प्रशिक्षण प्रसार अधिकारी श्री रवि प्रकाश एवं सत्र प्रभारी डॉ सीमा राठौर उपस्थित रहे। सिद्धार्थनगर, संत रविदास नगर, औरैया एवं प्रयागराज जनपदों से आए लेखाकारों और एमआईएस सहायकों ने प्रशिक्षण में सक्रिय प्रतिभाग किया। 
     दस दिनों में प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता, सुदृढ़ ऋण प्रणाली एवं पारदर्शी हिसाब-किताब रखने की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से यह बताया गया कि धन का खर्च सही जगह और सही उद्देश्य से कैसे किया जाए तथा लेखा-जोखा को व्यवस्थित एवं प्रदर्शनीय तरीके से कैसे रखा जाए। साथ ही महिलाओं में शिक्षा, साक्षरता और जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
       तकनीकी सत्रों में मोबाइल एप एवं पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि, मासिक प्रगति आख्या, समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के अभिलेखों का ऑनलाइन रखरखाव, कार्यसूची तैयार करना, सदस्यता पंजिका का संधारण एवं प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की गतिविधियों के आधार पर मूल्यांकन भी किया गया।
      प्रशिक्षण में संकुल स्तरीय संघ के दृष्टिकोण और उद्देश्य, सामुदायिक ढांचे की जानकारी, वित्तीय प्रणाली का महत्व, लेखांकन चक्र, लेखांकन की प्रमुख पुस्तकें, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, तुलन पत्र, ऋण प्रबंधन, पोर्टफोलियो प्रबंधन तथा वित्तीय प्रमुख सूचकांकों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षक के रूप में मोरिस कुमार, राज्य संसाधन व्यक्ति एवं राघवेंद्र कुमार सिंह, जिला संसाधन व्यक्ति उपस्थित रहे।
      प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब वे योजनाओं की निगरानी बेहतर ढंग से कर पाएंगी, बैंकों से ऋण समय पर प्राप्त कर सकेंगी और संघ के धन का पारदर्शी लेखा-जोखा रख पाएंगी। "अपना हिस्सा स्वयं संभालना पड़ता है" की सीख ने उन्हें और अधिक सशक्त किया है।
     श्री नन्दकिशोर साह ने कहा कि प्रशिक्षित एमआईएस सहायक और लेखाकार ही संकुल स्तरीय संघ की रीढ़ हैं। इनके सशक्त होने से ही "गरीबी मुक्त गांव" के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार एवं आय वृद्धि का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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