Odisha NTPC Plant Blast: ओडिशा में एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट में भीषण धमाका, 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
Odisha NTPC Plant Blast: ओडिशा में स्थित एनटीपीसी के थर्मल पावर प्लांट में अचानक हुए धमाके से 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- Odisha News: एनटीपीसी के पावर प्लांट में अचानक हुआ विस्फोट, 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल; अस्पताल में भर्ती
- ओडिशा में NTPC थर्मल पावर प्लांट में जोरदार धमाका: 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे, मची अफरा-तफरी
- Odisha: NTPC के थर्मल पावर प्लांट में हुआ बड़ा हादसा, विस्फोट में 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
ओडिशा में स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के एक थर्मल पावर प्लांट में नियमित परिचालन के दौरान अचानक जोरदार धमाका होने से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया है। इस अप्रत्याशित विस्फोट और उसके बाद फैली भीषण गर्मी व आग की चपेट में आने से संयंत्र में कार्यरत 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे के तुरंत बाद प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया और स्थानीय सुरक्षा दलों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। गंभीर रूप से घायल सभी श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सीय देखरेख के लिए उच्च स्तरीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
ओडिशा स्थित एनटीपीसी के थर्मल पावर प्लांट की एक इकाई में सामान्य कामकाज के दौरान अचानक तेज धमाका हुआ। प्लांट के तकनीकी हिस्से में हुए इस विस्फोट की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।
विस्फोट के समय यूनिट के नजदीक तकनीकी रखरखाव और संचालन कार्य में जुटे 5 मजदूर सीधे तौर पर हादसे की जद में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। प्लांट प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संयंत्र के प्रभावित हिस्से को बंद कराया और घायलों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, प्लांट में रोजाना की तरह बिजली उत्पादन और तकनीकी मॉनिटरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान एक तकनीकी अनुभाग में अचानक उच्च दबाव या आंतरिक खराबी के चलते यह धमाका हुआ। धमाके के साथ ही वहां अत्यधिक गर्म गैस, भाप और आग की लपटें फैल गईं।
वहां तैनात मजदूर जब तक सुरक्षित स्थान की ओर भाग पाते, तब तक वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे। चीख-पुकार मचते ही ऑन-साइट फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को संयंत्र की डिस्पेंसरी पहुंचाया, जहां प्राथमिक स्थिति का आकलन करने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें विशेष बर्न यूनिट और उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद एनटीपीसी प्लांट प्रबंधन ने स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित श्रमिकों को हर संभव सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता घायल श्रमिकों की जान बचाना और उनके परिजनों को पूरी सहायता प्रदान करना है।
वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घटना की तकनीकी और सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या संयंत्र में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था या किसी उपकरण की विफलता के कारण यह विस्फोट हुआ।
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर भारी उद्योगों और बिजली संयंत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और वर्किंग कंडीशंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। थर्मल पावर प्लांट्स में उच्च तापमान और अत्यधिक दबाव वाले उपकरणों के बीच काम करना हमेशा अत्यधिक जोखिम भरा होता है।
संयंत्र परिसर में हुए इस विस्फोट के बाद अन्य इकाइयों में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों की आपात जांच शुरू कर दी गई है ताकि किसी अन्य इकाई में ऐसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय श्रमिक संगठनों ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने और औद्योगिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने की मांग उठाई है।
एनटीपीसी तकनीकी विशेषज्ञों और राज्य औद्योगिक सुरक्षा निदेशालय की एक संयुक्त टीम विस्फोट के सटीक तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच करेगी। बॉयलर, स्टीम पाइपलाइन या टरबाइन से जुड़े किस उपकरण में रिसाव या प्रेशर मिसमैनेजमेंट हुआ, इसका पूरा ब्योरा जांच रिपोर्ट में सामने आएगा। अस्पताल में भर्ती मजदूरों का विशेष डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
What's Your Reaction?







