Free Online Coaching for Competitive Exams: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों को बड़ा तोहफा: गरीब और मध्यम वर्ग के लिए शुरू होगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, पीएम मोदी ने की घोषणा
- छात्रों के लिए पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सरकार देगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, खत्म होगा महंगे संस्थानों का बोझ
- Independence Day 2026: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करेगी सरकार, पीएम मोदी की घोषणा
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं के लिए एक दूरगामी और कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार अब उच्च गुणवत्ता वाली मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर निजी कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस के कारण पड़ने वाले गंभीर आर्थिक बोझ को पूरी तरह समाप्त करना है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से सुदूर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर प्राप्त होंगे और आगामी दिनों में शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसके लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।
- लाल किले की प्राचीर से छात्रों के लिए ऐतिहासिक पहल
15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा शक्ति और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा और प्रतिकूल असर गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
इस विषमता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी स्तर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क और उच्च स्तरीय ऑनलाइन कोचिंग प्रणाली विकसित करने का संकल्प लिया है। इस योजना के अंतर्गत प्रशासनिक सेवाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल, रक्षा, बैंकिंग और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेषज्ञों और शीर्ष शिक्षकों के माध्यम से डिजिटल माध्यम से कक्षाएं, अध्ययन सामग्री और मॉक टेस्ट पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
- कोचिंग संस्कृति के विकल्प के रूप में डिजिटल समाधान
वर्तमान समय में कोटा, दिल्ली, प्रयागराज और पटना जैसे प्रमुख कोचिंग हब में बच्चों को भेजने के लिए सामान्य परिवारों को अपनी जमापूंजी या कर्ज का सहारा लेना पड़ता है। आवासीय खर्च और संस्थान की भारी फीस कई बार आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्रों के सपनों के बीच दीवार बन जाती है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर इसी सामाजिक और आर्थिक चुनौती को केंद्र में रखते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के समक्ष समाधान प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि कोचिंग संस्थानों की ऊंची फीस आम नागरिक की कमर तोड़ देती है। सरकार आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करने जा रही है, जिसमें हर वर्ग का छात्र अपने घर बैठे ही देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए आधुनिक ई-लर्निंग टूल्स, इंटरएक्टिव वीडियो लेक्चर्स, शंका समाधान सत्र (डाउट क्लीयरिंग सेशंस) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा।
- छात्र, अभिभावक और शिक्षाविद गदगद
इस घोषणा के तुरंत बाद देश भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों में भारी उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र संगठनों का मानना है कि यह फैसला शिक्षा में समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। जो छात्र केवल आर्थिक तंगी के कारण महंगे संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते थे, अब उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिलेगा।
अभिभावकों ने भी राहत की सांस लेते हुए इसे मध्यम वर्ग की जेब पर पड़ने वाले सबसे बड़े नियमित खर्च से मुक्ति दिलाने वाला प्रयास बताया है। शिक्षाविदों के अनुसार, सरकारी स्तर पर प्रमाणित और संरचित डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से कोचिंग उद्योग के व्यवसायीकरण पर स्वतः नियंत्रण लगेगा और छात्रों को भ्रामक विज्ञापनों से मुक्ति मिलेगी।
- शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की ओर बड़ा कदम
सरकार की इस कल्याणकारी योजना का प्रभाव व्यापक और बहुआयामी होगा। पहला बड़ा बदलाव यह आएगा कि गांव-देहात और छोटे शहरों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए बड़े महानगरों की ओर पलायन करने की मजबूरी नहीं रहेगी, जिससे उनके परिवार का आवास, भोजन और यात्रा का अतिरिक्त खर्च बचेगा।
दूसरा प्रमुख प्रभाव सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के रूप में दिखेगा। कई बार सुरक्षा और वित्तीय कारणों से छात्राएं बड़े शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जा पाती थीं, लेकिन घर पर ही गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध होने से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेटियों की भागीदारी और सफलता का प्रतिशत कई गुना बढ़ेगा। साथ ही डिजिटल डिवाइड को पाटने में भी यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
- मंत्रालय का रोडमैप और क्रियान्वयन योजना
प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर इस व्यापक डिजिटल कोचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की रूपरेखा को अंतिम रूप देगा। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), स्वयं (SWAYAM) पोर्टल और दीक्षा (DIKSHA) जैसे पूर्ववर्ती डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म्स के अनुभवों का उपयोग करते हुए एक समर्पित और उपयोगकर्ता-अनुकूल वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किए जाने की संभावना है।
आगामी कुछ हफ्तों में इस योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देश, पाठ्यक्रम वर्गीकरण, लाइव क्लास शेड्यूल और विषय विशेषज्ञों के पैनल की सूची सार्वजनिक की जाएगी। सरकार का लक्ष्य आगामी सत्र की प्रमुख परीक्षाओं से पहले इस सेवा को पूरे देश के छात्रों के लिए पूरी तरह सक्रिय और सुलभ बनाना है।
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