80th Independence Day 2026: लाल किले से पीएम मोदी ने फहराया तिरंगा, 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया
80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया।
- स्वतंत्रता दिवस 2026: ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का राष्ट्र को संबोधन, विकसित भारत 2047 पर दिया जोर
- आजादी के 80वें साल का जश्न: लाल किले पर पीएम मोदी ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, 2047 के विजन को लेकर कही ये बड़ी बातें
- Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, देश को किया संबोधित
देश भर में आज 15 अगस्त 2026 को आजादी के 80वें साल का भव्य उत्सव अत्यंत उत्साह और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय पर्व के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और उसके उपरांत देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में एक पूर्ण 'विकसित राष्ट्र' बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरी दृढ़ता से दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशिता को इस विकास यात्रा के मुख्य स्तंभ बताया। आने वाले दशकों के लिए निर्धारित इस नीतिगत विजन के साथ केंद्र और राज्य स्तर पर कई नई पहलों को गति मिलने की उम्मीद है।
भारत आज अपनी स्वतंत्रता का 80वां वर्ष मना रहा है। मुख्य राष्ट्रीय समारोह देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक गरिमा और पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान की धुन और 21 तोपों की सलामी के साथ संपन्न हुए ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री ने प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपना औपचारिक संदेश दिया।
संबोधन का मुख्य केंद्र बिंदु वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में स्थापित करने का मार्गचित्र रहा। प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि देश अब एक निर्णायक अमृत कालखंड में प्रवेश कर चुका है, जहां से लिए गए फैसले और नीतियां अगली पीढ़ियों के भविष्य की दिशा तय करेंगी। उन्होंने सभी देशवासियों से सामूहिक प्रयास और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत सुबह प्रधानमंत्री के राजघाट पहुंचने के साथ हुई, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला लाल किले के ऐतिहासिक लाहौरी गेट पहुंचा। रक्षा मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी अगवानी की, जिसके बाद प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के साथ ही भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा की गई। अपने विस्तृत संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के आर्थिक सुधारों, नवाचार, अंतरिक्ष अनुसंधान, विनिर्माण और डिजिटल क्रांति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 केवल एक समय सीमा नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय का साझा स्वप्न और दायित्व है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं, किसानों, श्रमिकों, वैज्ञानिकों और महिला शक्ति की सहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद देश के राजनीतिक, सामाजिक और औद्योगिक हलकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय नेताओं ने 2047 के विकसित भारत के विजन को एक स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप करार दिया। उन्होंने कहा कि यह संकल्प देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक महाशक्ति बनाने के मार्ग पर तेजी से आगे ले जाएगा।
उद्योग जगत के प्रमुखों ने तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र पर दिए गए जोर का स्वागत करते हुए कहा कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत होगी। वहीं, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गणमान्य नागरिकों ने भी राष्ट्रीय पर्व पर एकजुट होकर देश के सतत विकास के लिए समर्पित रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
लाल किले की प्राचीर से दिए गए इस संबोधन का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है। 2047 के विजन को दोहराए जाने से नीतिगत स्तर पर बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, हरित ऊर्जा संक्रमण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और देश में वैश्विक स्तर की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।
इसके साथ ही, समाज के निचले और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण पर दिए गए बल से शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की योजनाओं का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है। यह संदेश आम जनता और विशेषकर युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।
स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर के बाद सरकार अपने दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों के क्रियान्वयन में और तेजी लाने की तैयारी में है। आगामी नीतिगत घोषणाओं और संसद के सत्रों में विकसित भारत 2047 के ढांचे से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को कानूनी और वित्तीय संबल दिया जाएगा।
देशभर में अमृत काल के संकल्पों के तहत विभिन्न विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। सरकार का फोकस युवा शक्ति को आधुनिक कौशल से लैस करने और वैश्विक स्तर पर भारत को ज्ञान एवं विनिर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित रहेगा।
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