Prayagraj News: 'रंग दे बसंती' अभियान की शुरुआत, प्रयागराज में कवियों ने माफिया संस्कृति पर कसे तंज
प्रयागराज में 'रंग दे बसंती' अभियान की शुरुआत हुई। हिंदुस्तानी एकेडमी में युवा कवियों ने रचनाओं के जरिए माफिया और आपराधिक संस्कृति का विरोध किया।
साहित्य की नगरी प्रयागराज में अपराध और माफिया संस्कृति के खिलाफ युवाओं को जोड़ने तथा रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'रंग दे बसंती' अभियान की शुरुआत हुई है।
हिंदुस्तानी एकेडमी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा कवियों ने अपनी ओजस्वी और वीर रस की कविताओं के माध्यम से आपराधिक मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया। यह प्रदेशव्यापी अभियान राज्य के प्रमुख शहरों में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक विश्वदीप शुक्ला ने बताया कि प्रयागराज की ऐतिहासिक भूमि ने हमेशा विचारों और साहित्य के जरिए देश को दिशा दी है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को बंदूक की जगह कलम और कला से जोड़ना है।
डर तथा दबाव के माहौल को नकारते हुए युवाओं को स्वतंत्र अभिव्यक्ति और संवाद के लिए एक सकारात्मक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के युवा कवियों ने भाग लिया। दिल्ली विश्वविद्यालय से संक्षेप बरनवाल, मध्य प्रदेश से अभिषेक अवस्थी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आकांक्षा बुन्देला, बिहार से मोरारी मण्डल, बलिया से बजरंग नाथ, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अभिजीत मिश्रा और डॉक्टर मृत्युंजय परमार ने अपनी कविताओं के जरिए विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध गीतकार डॉक्टर विनम्र सेन सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज उपस्थित रहे।
संयोजक के अनुसार, यह प्रदेशव्यापी अभियान विभिन्न रचनात्मक चरणों में आगे बढ़ेगा। इसके तहत लखनऊ में सार्वजनिक दीवारों पर लाइव पेंटिंग के जरिए संदेश दिया जाएगा, जबकि मुजफ्फरनगर में सामाजिक सौहार्द पर आधारित कॉमिक्स का वितरण और संवाद सत्र आयोजित होंगे। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 'डर से आजादी' नामक विशेष अभियान गीत भी जारी किया जाएगा, जिसमें संगीत, रैप और डिजिटल कला का संयोजन देखने को मिलेगा।
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