Hardoi Development Review: विकास कार्यों में लापरवाही पर हरदोई डीएम सख्त, भरखनी बीएमएम और कछौना एडीओ को नोटिस जारी
Hardoi News: हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाया। ढिलाई बरतने पर भरखनी BMM और कछौना ADO पंचायत को नोटिस जारी।
हरदोई जिले में शासकीय विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की धीमी प्रगति और लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्वामी विवेकानन्द सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर, स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की प्रगति की गहन पड़ताल की गई। समीक्षा के दौरान विकासखंड भरखनी और कछौना में पाई गई कमियों पर गाज गिरी, जहां डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण ढांचागत विकास को गति देना और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय सीमा के भीतर पहुंचाना है।
हरदोई जिला प्रशासन द्वारा विकास कार्यों की गति और शासकीय प्राथमिकताओं की समीक्षा के लिए जिलास्तरीय बैठक बुलाई गई थी। जिलाधिकारी अनुनय झा ने विकासखंड वार समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान जहां अपूर्ण प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए गए, वहीं एनआरएलएम और मनरेगा में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्वामी विवेकानन्द सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं लंबित मकानों के आंकड़ों के विश्लेषण से हुई। जिलाधिकारी ने अपूर्ण आवासों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराने और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। अमृत सरोवरों और अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति का अवलोकन करते हुए उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के अनुकूल, साफ-सुथरा और आकर्षक बनाया जाए, जिससे वहां शिक्षा और पोषण का एक बेहतर माहौल तैयार हो सके। कार्रवाई का मुख्य दौर तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ब्लॉकवार समीक्षा की गई। विकासखंड भरखनी में स्वयं सहायता समूहों के गठन और पात्र महिलाओं को जोड़ने की गति काफी धीमी पाई गई। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने संबंधित ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, मनरेगा की समीक्षा के दौरान विकासखंड कछौना में रोजगार सृजन और कार्य प्रगति बेहद असंतोषजनक मिलने पर एडीओ पंचायत को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते लंबे समय से लंबित होने के मुद्दे पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर (LDM) से जवाब-तलब किया और बैंक स्तर पर पेंडिंग प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जॉब कार्ड धारकों और राशन कार्ड धारकों को अनिवार्य रूप से स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि वे अपनी आजीविका में सुधार कर सकें।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा ने कड़े शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करता है, तो उसकी जवाबदेही तय करते हुए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
बैठक में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार और परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्य सहित समस्त खंड विकास अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिला स्तरीय समीक्षा में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध तरीके से अनुपालन कराया जाएगा।
जिलाधिकारी की इस सख्त रुख और नोटिस की कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और विकासखंडों में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर उन विकासखंडों में सक्रियता बढ़ गई है जहां विकास योजनाएं कछुआ गति से चल रही थीं। कछौना और भरखनी ब्लॉक में हुई कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि केवल कागजी रिपोर्टिंग के बजाय धरातल पर काम का दिखना जरूरी है। बैंकों पर पेंडिंग चल रहे स्वयं सहायता समूहों के खातों का काम भी अब तेजी से पूरा होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ होगा।
जिला प्रशासन की ओर से अब सभी जारी नोटिसों के जवाब की समीक्षा की जाएगी। यदि संबंधित अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, जिला स्तरीय अधिकारी आने वाले दिनों में विभिन्न ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं की पड़ताल करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन और वित्त आयोग के तहत चल रहे विकास कार्यों की अगली प्रगति रिपोर्ट जल्द ही दोबारा तलब की जाएगी।
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