Sitapur: बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया था रवि, ताबूत में लौटा; पूरे गांव में शोक की लहर।

बेहतर भविष्य की आस लेकर परदेस गए एक युवक का ताबूत में लौटना पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो गया। महमूदाबाद क्षेत्र के बघाइन

Mar 25, 2026 - 20:13
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Sitapur: बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया था रवि, ताबूत में लौटा; पूरे गांव में शोक की लहर।
बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया था रवि, ताबूत में लौटा; पूरे गांव में शोक की लहर।

सीतापुर: बेहतर भविष्य की आस लेकर परदेस गए एक युवक का ताबूत में लौटना पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो गया। महमूदाबाद क्षेत्र के बघाइन गांव निवासी 26 वर्षीय रवि गोपाल का शव बुधवार सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे गांव लाया गया।

जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो उठा। एम्बुलेंस के गांव की सीमा में प्रवेश करते ही सन्नाटा पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। ताबूत में बंद रवि का शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप बेसुध हो गए, पत्नी का विलाप सुन हर आंख नम हो गई, वहीं छोटे बेटे की मासूम निगाहें अपने पिता को खोजती नजर आईं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौजूद लोग खुद को रोक नहीं पाए।

एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने शव को अपने सुपुर्द लिया। महमूदाबाद के नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को एम्बुलेंस से गांव लाया गया, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने नम आंखों से रवि को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में हर जुबान पर रवि की असमय मौत की चर्चा रही। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

उल्लेखनीय है कि रवि गोपाल की 18 मार्च को सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री पर हुए मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसके कंधों पर बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और छोटे बेटे की जिम्मेदारी थी। घटना से कुछ समय पहले ही उनकी परिजनों से आखिरी बातचीत हुई थी, जिसके बाद साथियों ने हादसे की सूचना दी।

घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन से शव को भारत लाने की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. के प्रयासों से भारतीय दूतावास, रियाद से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई। दूतावास की तत्परता से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हुआ और अंततः रवि गोपाल का शव स्वदेश लाया जा सका। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

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