Hapur: हापुड़ में दिनदहाड़े अवैध खनन का खेल, डंफरों की रफ्तार से खतरे में जान—प्रशासन मौन।
जनपद में अवैध खनन का खेल इस कदर बेलगाम हो चुका है कि प्रशासन के आदेश महज कागजी साबित हो रहे हैं। दिनदहाड़े डंफरों
हापुड़: जनपद में अवैध खनन का खेल इस कदर बेलगाम हो चुका है कि प्रशासन के आदेश महज कागजी साबित हो रहे हैं। दिनदहाड़े डंफरों से मिट्टी की ढुलाई हो रही है और जिम्मेदार विभाग गहरी कुंभकर्णी नींद में सोया नजर आ रहा है। मामला हापुड़ के दोयमी रोड क्षेत्र का है, जहां खुलेआम अवैध खनन माफिया दादागिरी दिखाते हुए सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोपहर के समय ही भारी भरकम डंफर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि आमजन की जान भी खतरे में पड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक खनन विभाग के अधिकारी शिकायत सुनने तक को तैयार नहीं हैं। यदि कोई शिकायतकर्ता फोन कर भी दे, तो उससे खनन की लोकेशन पूछकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे खेल में मिलीभगत की भी चर्चा जोरों पर है। सूत्र बताते हैं कि बिना अधिकारियों की शह के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं। पहले भी खनन अधिकारी का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब वह कथित रूप से खनन माफिया की बोलेरो गाड़ी का इस्तेमाल करते देखे गए थे। मामला शासन तक पहुंचा तो आनन-फानन में गाड़ी वापस कर दी गई, लेकिन कार्रवाई का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आठ दिन पहले ही थाना हाफिजपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो चुका है, जहां तेज रफ्तार डंफर की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की मौत हो गई थी। इसके बावजूद प्रशासन और खनन विभाग की नींद नहीं खुली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह दिन में डंफर दौड़ते रहे, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक अवैध खनन माफिया यूं ही कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहेंगे? फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और विभागीय लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि शासन इस पूरे मामले में कब तक सख्त कदम उठाता है या फिर यूं ही राजस्व की लूट और जनता की जान से खिलवाड़ जारी रहेगा।
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