आरटीआई से खुलासा: संसद कैंटीन में 2003 से बंद हैं कोल्ड ड्रिंक, स्कूलों-अस्पतालों में बैन की उठी मांग

लोकसभा सचिवालय ने आरटीआई के तहत जानकारी दी है कि संसद कैंटीन में 2003 से शीतल पेय पर बैन है। सामाजिक संगठन ने सार्वजनिक स्थलों पर बैन की मांग उठाई।

Aug 5, 2026 - 23:29
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आरटीआई से खुलासा: संसद कैंटीन में 2003 से बंद हैं कोल्ड ड्रिंक, स्कूलों-अस्पतालों में बैन की उठी मांग

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई एक जानकारी में संसद भवन परिसर से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव और आरटीआई कार्यकर्ता प्रवीन वार्ष्णेय ने बताया कि लोकसभा सचिवालय से प्राप्त सूचना के अनुसार, संसद की कैंटीनों में वर्ष 2003 से ही सॉफ्ट और कोल्ड ड्रिंक की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लागू है। इस खुलासे के बाद संगठन ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर सरकारी नीतियों के दोहरे मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।

हाथरस में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने लोकसभा सचिवालय से आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इस संबंध में प्राप्त लिखित जवाब में पुष्टि की गई है कि अगस्त 2003 में जारी एक आदेश के तहत संसद परिसर के भीतर शीतल पेयों की आपूर्ति, उनके विज्ञापनों और संबंधित रेफ्रिजरेटरों को हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हालांकि, सचिवालय की ओर से इस प्रतिबंध के पीछे के वैज्ञानिक या स्वास्थ्य संबंधी कारणों का स्पष्ट ब्योरा साझा नहीं किया गया है।

प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों और संसद परिसर में काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर शीतल पेयों पर रोक लगाई जा सकती है, तो देश के आम नागरिकों के लिए भी यही मानक लागू होने चाहिए। उन्होंने समानता के अधिकार का हवाला देते हुए मांग की कि सरकार संसद परिसर की तर्ज पर देशभर के शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों और सरकारी कार्यालयों में भी अत्यधिक शर्करा युक्त शीतल पेयों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे।

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में और अधिक स्पष्टता पाने के लिए प्रथम अपील दायर की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया गया है। इस पत्रकार वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, जिला महासचिव शैलेंद्र सांवलिया, उपवेश कौशिक और राजेश वार्ष्णेय सहित संगठन के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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