सहारनपुर में आरक्षण की विसंगतियों और UGC की नीतियों के खिलाफ सर्व समाज मुखर, शासन को भेजा ज्ञापन
सहारनपुर में सर्व समाज ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, UGC की नीतियों को वापस लेने और एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग को रोकने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सहारनपुर में देशव्यापी आरक्षण नीति में संशोधन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया दिशा-निर्देशों को वापस लेने और विभिन्न कानूनों के प्रावधानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सर्व समाज एकजुट हुआ है। समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें इन सभी जटिल विषयों पर उच्चस्तरीय चर्चा कर सर्वमान्य और न्यायसंगत रास्ता निकालने का आग्रह किया गया है।

प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्र निर्माण में रीढ़ की भूमिका निभाने वाले सामान्य वर्ग के भीतर लंबे समय से उपेक्षा की भावना घर कर रही है। मौजूदा नीतियों के कारण समाज के युवाओं में गहरा मानसिक तनाव और असंतोष देखा जा रहा है। देश के विकास में हमेशा आगे रहने वाले इस वर्ग को लगता है कि वर्तमान व्यवस्था में उनकी योग्यता और भविष्य की अनदेखी की जा रही है, जिस पर तुरंत विचार किया जाना बेहद जरूरी है।

ज्ञापन के जरिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू की जा रही व्यवस्थाओं को वापस लेने और केवल योग्यता के आधार पर अवसर सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून में पूर्व में किए गए संशोधनों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है, ताकि इस कानून के अनुचित इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लग सके और किसी भी बेकसूर नागरिक को झूठे मामलों में न उलझना पड़े।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आरक्षण प्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा का समय आ गया है। सामान्य वर्ग के प्रतिभावान युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार को सर्व समाज के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों के साथ एक पारदर्शी और खुली बैठक करनी चाहिए। ऐसी वार्ता से ही एक ऐसा संतुलन तैयार हो सकता है जो समाज के हर तबके में भरोसा और सद्भाव कायम रखे।

समाज के लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन गंभीर मांगों पर त्वरित गति से कदम नहीं उठाए गए, तो सर्व समाज को अपनी आवाज उठाने के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मार्ग चुनना पड़ेगा। इसके तहत राष्ट्रव्यापी स्तर पर अपनी बात रखी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन तंत्र की होगी।
What's Your Reaction?